2:14 pm Thursday , 3 September 2026
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उझानी कोतवाली में ‘सिंह’ की एंट्री, माफियाओं की शामत तय!


एसएसपी अंकिता शर्मा का चाबुक: नाकाम कोतवाल प्रवीण कुमार लाइन हाजिर, धर्मेन्द्र सिंह को मिली उझानी की कमान

उझानी, बदायूं 3 सितंबर।

उझानी कोतवाली में आखिरकार इंतजार खत्म हुआ। एसएसपी अंकिता शर्मा ने कानून व्यवस्था को लेकर बड़ा एक्शन लेते हुए इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार को उझानी से हटाकर लाइन हाजिर कर दिया। उनकी जगह अब तेजतर्रार इंस्पेक्टर धर्मेन्द्र सिंह को उझानी कोतवाली का नया प्रभारी बनाया गया है।

बताया जा रहा है कि प्रवीण कुमार के कार्यकाल में अपराध बेलगाम हो गया था। चोरी, ठगी और सट्टे पर लगाम न लगना ही उनके पतन का कारण बना।

लेकिन कुर्सी संभालते ही नए इंस्पेक्टर धर्मेन्द्र सिंह के सामने चुनौतियों का पहाड़ खड़ा है। उझानी कोतवाली इस वक्त समस्याओं का गढ़ बनी हुई है।

नए कोतवाल के लिए सबसे बड़ी चुनौती थाने के भीतर ही है। कोतवाली में कई सालों से जमे ‘टिकाऊ’ सिपाहियों ने वसूली का अपना साम्राज्य खड़ा कर रखा है। हफ्ता-महीना वसूली के बिना पत्ता भी नहीं हिलता। इन वर्दी वाले वसूलीबाजों को हटाना धर्मेन्द्र सिंह के लिए टेढ़ी खीर साबित होगा।

उझानी में इन दिनों सट्टे की खाईबाड़ी का धंधा चरम पर है। खुलेआम गलियों-मोहल्लों में सट्टे की पर्चियां लिखी जा रही हैं। सूत्रों की मानें तो इस काले कारोबार के पीछे सफेदपोश चेहरे हैं। कई पूर्व और छुटभैये नेता इस खेल के मास्टरमाइंड बने हुए हैं।

शहर में बाइक चोर गैंग इस कदर सक्रिय है कि लोगों ने घर के बाहर बाइक खड़ी करना छोड़ दिया है। आलम ये है कि चोरों के चेहरे सीसीटीवी में कैद होने के बाद भी पुलिस खाली हाथ है। यही लापरवाही प्रवीण कुमार को ले डूबी। इसके अलावा मिट्टी-बालू का अवैध खनन, ओवरलोडिंग से लगता जाम और बढ़ती ठगी की वारदातें भी नई चुनौती हैं। कई पीड़ित तो रिपोर्ट लिखवाने तक की हिम्मत नहीं जुटा पाते।

फिलहाल एसएसपी ने धर्मेन्द्र सिंह पर बड़ा दांव खेला है। अब देखना होगा कि क्या नए ‘सिंह’ उझानी के सिस्टम में फैले जाले को साफ कर पाएंगे या फिर माफिया राज के आगे घुटने टेक देंगे?।

राजेश वार्ष्णेय एमके।

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