उझानी एपीएस स्कूल में जिला स्तरीय वर्कशॉप, एआई को क्लासरूम से जोड़ने पर हुई चर्चा।
शिक्षा में एआई और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग पर मंथन।
उझानी, बदायूं 31 अगस्त।
एपीएस इंटरनेशनल स्कूल, उझानी में सोमवार को कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर जिला स्तरीय विचार-विमर्श वर्कशॉप का आयोजन किया गया।
वर्कशॉप की अध्यक्षता सीबीएसई डिस्ट्रिक्ट ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर एवं स्कूल के प्रिंसिपल रविन्द्र भट्ट ने की। कार्यक्रम में बतौर जज एसआरएमएस सीईटी बरेली के हेड ऑफ डिपार्टमेंट (आईटी) ई. आशीष अग्रवाल, ब्लूमिंग डेल स्कूल बदायूं के प्रधानाचार्य संजीव सिंह राठौर और बीआरबी मॉडल स्कूल बदायूं के प्रधानाचार्य ब्रजेश भट्ट शामिल रहे। प्रिंसिपल रविन्द्र भट्ट ने पौधा भेंट कर सभी जजों का स्वागत किया।
वर्कशॉप में बदायूं जिले के 11 स्कूलों – बीआरबी मॉडल स्कूल, ब्लूमिंग फ्लॉवर्स, एपीएस इंटरनेशनल स्कूल उझानी, एफएनपीएस बदायूं, वीआर पब्लिक स्कूल, आरएसएमएस, मदर्स पब्लिक स्कूल, थिथोनस इंटरनेशनल स्कूल, जीपीएस स्कूल, एचजी इंटरनेशनल और अल हफीज एजूकेशन ने केस पेपर प्रेजेंट किए। शिक्षकों ने कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और एआई को क्लासरूम से जोड़ने के लिए किए जा रहे नए प्रयोगों, एक्टिविटीज और उनके रिजल्ट्स को साझा किया।
विशेषज्ञों ने कहा कि शिक्षा में कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और एआई की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। यह छात्रों में प्रॉब्लम सॉल्विंग, लॉजिकल थिंकिंग और टेक्निकल स्किल्स विकसित करने में मददगार है।
ई. आशीष अग्रवाल ने कहा कि वर्कशॉप का मकसद सिर्फ आकर्षक प्रेजेंटेशन देना नहीं, बल्कि क्लासरूम में सीटी और एआई से जुड़ी वास्तविक एक्टिविटीज और उनके इम्पैक्ट को शेयर करना है। संजीव सिंह राठौर ने शिक्षकों से लर्निंग को अपनी कक्षा में लागू करने और अन्य शिक्षकों के साथ साझा करने का आह्वान किया। ब्रजेश भट्ट ने कहा कि किसी भी चैलेंज का सामना करने के लिए पहला कदम उठाना जरूरी है, शिक्षकों को एक-दूसरे से सीखते हुए इनोवेशन अपनाना चाहिए।
वर्कशॉप का समापन नॉलेज, एक्सपीरियंस और इनोवेशन के आदान-प्रदान के साथ हुआ।





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