बदायूं
उसावां : गंगा का कटान गांवों से बांध तक पहुंचा, उसहैत-पथरामई बांध पर खतरा; 500 बीघा जमीन गंगा में समाई।
उसावां बदायूं 5 सितंबर।
केशव गुप्ता।
बदायूं के उसहैत इलाके में गंगा का कटान अब सिर्फ गांवों के लिए ही नहीं, बल्कि बांधों की सुरक्षा के लिए भी बड़ी चुनौती बन गया है। पथरामई में गंगा नदी बांध के बिल्कुल करीब बह रही है। तेज कटान के कारण बांध का किनारा भी प्रभावित होने लगा है।
खतरा बढ़ता देख बाढ़ खंड विभाग ने यहां बचाव कार्य तेज कर दिया है। बांध के कमजोर हिस्से पर ईंटों का फर्श बिछाया जा रहा है, ताकि नदी की सीधी धार से बांध को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।
पथरामई के अलावा भुंडी और रैपुरा में भी कटान लगातार जारी है। भुंडी में अब तक करीब 500 बीघा जमीन गंगा में समा चुकी है, जिससे उसहैत बांध पर खतरा और बढ़ गया है। रैपुरा में भी नदी लगातार जमीन काट रही है।
सबसे गंभीर स्थिति कदम नगला की है। यहां करीब 90 फीसदी गांव गंगा में समा चुका है और कटान अब भी थमने का नाम नहीं ले रहा है।
बाढ़ प्रभावित और सतर्क किए गए गांवों में ठकुरी नगला, जटा, प्रेमी नगला, जसवंत नगला, रैपुरा और कदम नगला शामिल हैं। वहीं दल नगला, कमलैयापुर, असमया रफतपुर, अहमद नगर बछौरा, बल्ले नगला, कमलू नगला, बेहटी, भकरी, चेतराम नगला, कोनका नगला और टिकाई खाम समेत कई गांवों की जमीन बाढ़ और कटान से प्रभावित हो रही है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष की शनिवार सुबह 4 बजे की रिपोर्ट के मुताबिक नरौरा से 83,835 क्यूसेक और बिजनौर से 1,17,513 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। हरिद्वार से छोड़े गए पानी की जानकारी नहीं मिल सकी है। जल प्रवाह बढ़ने से पथरामई और उसहैत बांध पर दबाव और बढ़ने की आशंका है।



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