बदायूं
बदायूं के सरगना से 25 हजार में खरीदे थे 1 लाख के जाली नोट, सोरों में खपाने आए दो तस्कर दबोचे।
कासगंज में एक महीने में दूसरी बड़ी बरामदगी, बिना नंबर पुलिस लिखी बाइकों पर आए थे; सभी 200 नोटों पर सिर्फ 3 सीरियल नंबर।
बदायूं 5 सितंबर।
कासगंज जनपद के कोतवाली सोरों जी में जाली नोटों के काले कारोबार का तार इस बार सीधे पड़ोसी जिले बदायूं से जुड़ा है। सोरोंजी थाना पुलिस और एसओजी ने बृहस्पतिवार रात मेला ग्राउंड एंट्री, कासगंज तिराहा से एक लाख के जाली नोटों के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। कासगंज एसओजी पुलिस के साथ बदांयू में नकली नोटों के सरगना की तलाश में जुट गई है।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी बदायूं में बैठे सरगना से महज 25 हजार रुपये असली नकदी देकर एक लाख के जाली नोट खरीदते थे। इसमें से एक आरोपी खुद बदायूं के सिकंदराबाद का रहने वाला है।
पुलिस के अनुसार दोनों त्योहारों और सोरों मेले की भारी भीड़ का फायदा उठाकर नोटों को बाजार में खपाने की फिराक में थे।
कासगंज में एक महीने के भीतर जाली नोटों के बड़े नेटवर्क का यह दूसरा खुलासा है। शुरुआती जांच में साफ हुआ है कि जिले में लंबे समय से एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जिसका मास्टरमाइंड बदायूं में बैठकर पूरा नेटवर्क संचालित कर रहा है। पुलिस को आशंका है कि कांवड़ यात्रा मेले में भी बड़ी मात्रा में जाली नोट खपाए गए थे।
3 सितंबर रात उपनिरीक्षक सुमित त्रिपाठी टीम के साथ चेकिंग पर थे। मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर राजू पुत्र नाथूराम निवासी सिकंदराबाद, थाना मुजरिया, बदायूं और गोविंद पुत्र प्रेमपाल निवासी भगवंतपुर, थाना ढोलना, कासगंज को पकड़ा गया।
तलाशी में 500-500 के 200 जाली नोट (कुल 1 लाख), दो मोबाइल और दो बिना नंबर प्लेट की बाइकें बरामद हुईं। दोनों बाइकों पर आगे पुलिस लिखा था।
सभी नोटों पर केवल तीन सीरियल नंबर 8LW 930511, 3GF 258954, 4DH 874624 ही बार-बार छपे थे। सुरक्षा धागा ऊपर से चिपका हुआ और रंग बदलने वाली स्याही फेल थी।
पुलिस ने BNS की धारा 178, 179, 180, 181, 318(4) में केस दर्ज कर बदायूं के सरगना की तलाश शुरू कर दी है।

केशव गुप्ता
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