372 वर्ष बाद बनेगा कृष्ण जन्म का अद्भुत संयोग: आचार्य राजेश कुमार शर्मा
इस साल 2026 में जन्माष्टमी का पर्व 4 सितंबर को मनाया जाएगा।
अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र
आचार्य राजेश कुमार शर्मा बताते हैं कि अष्टमी तिथि 3 सितंबर की रात्रि 2:27से प्रारंभ होकर 4 सितंबर की रात्रि 12:15 तक रहेगी, वहीं रोहिणी नक्षत्र 3 सितंबर की रात्रि 12:30 से 4 सितंबर की रात्रि 11:04 तक रहेगा। आचार्य राजेश कुमार शर्मा कहते हैं द्रिक पंचांग के अनुसार इस साल भगवान श्रीकृष्ण का 5253 वां जन्मोत्सव मनाया जाएगा।
इस वर्ष के विशेष योग —
हर्षण एवं वज्र योग
उच्च के चंद्रमा और गुरु
मांलव्य योग
हंस योग
सर्वार्थसिद्धि योग
धर्म ग्रंथो के अनुसार भगवान श्री कृष्ण के जन्म के समय निम्न शुभ योग विराजमान थे
भाद्रपद मास,कृष्ण पक्ष,अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र, वृषभ के चंद्रमा, दिन बुधवार, अर्द्ध रात्रि समयावधि
पंचांग के अनुसार इस वर्ष निम्न योग मिल रहे हैं
भाद्रपद मास,कृष्ण पक्ष, अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र ( निकट ) वृषभ के चंद्रमा, अर्द्ध रात्रि समय अवधि, इस बार उदयातिथि और जन्म के समय तिथि दोनों समय अष्टमी तिथि मिल रही है, ऐसा विशेष संयोग 372 वर्ष बाद प्राप्त हो रहा हैं जो कृष्ण जन्माष्टमी को विशेष बना रहा हैं।
कृष्ण जन्माष्टमी पूजा का शुभ मुहूर्त –
निशिता पूजा का समय रात्रि 11:57 से 12:43 तक
अवधि – 45 मिनट
चंद्रोदय समय – 11:17
आचार्य राजेश कुमार शर्मा
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