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अढौली फाटक पर जाम में फंसी रही एंबुलेंस, प्रसव पीड़ा से तड़पती महिला ने एंबुलेंस में ही बेटी को दिया जन्म

अढौली फाटक पर जाम में फंसी रही एंबुलेंस, प्रसव पीड़ा से तड़पती महिला ने एंबुलेंस में ही बेटी को दिया जन्म, मां-बेटी दोनों सकुशल।

उझानी-बदांयू 31 अगस्त।

उझानी के उझानी-कादरचौक मार्ग स्थित अढौली रेलवे फाटक पर सोमवार दोपहर अव्यवस्था का ऐसा मंजर देखने को मिला, जिसने सिस्टम की पोल खोल दी। एक ई-रिक्शा की टक्कर से फाटक का बूम टूट गया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और करीब एक घंटे तक भीषण जाम लगा रहा।

इसी जाम में प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला को लेकर जा रही एंबुलेंस भी फंस गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई।


जानकारी के अनुसार पास के गांव अचौरा निवासी नन्हे की पत्नी उषा देवी को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन 108 एंबुलेंस से सीएचसी उझानी ले जा रहे थे। दोपहर के समय जब एंबुलेंस अढौली फाटक पर पहुंची तो वहां पहले से ही ई-रिक्शा की टक्कर से बूम टूटने के कारण फाटक बंद था।

परिजन नन्हे ने बताया कि जाम में फंसने के बाद पत्नी उषा का दर्द लगातार बढ़ता जा रहा था और जाम खुलने का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा था। ऐसे में एंबुलेंस में मौजूद परिवार की महिलाओं ने हिम्मत दिखाई और प्रसूता को संभाला।

जाम न खुलता देख एंबुलेंस के अंदर ही जिंदगी ने दस्तक दी और किलकारी गूंज उठी। उषा देवी ने एंबुलेंस में ही एक स्वस्थ बेटी को जन्म दे दिया। ऊपर वाले की कृपा और महिलाओं की सूझबूझ से जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित रहे।

सूचना पर आरपीएफ के उपनिरीक्षक सत्यवीर सिंह मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद जाम खुलवाया। इसके बाद एंबुलेंस को सीएचसी के लिए रवाना कराया गया, जहां डॉक्टरों ने भी मां-बेटी को स्वस्थ बताया।

वहीं आरपीएफ उपनिरीक्षक सत्यवीर सिंह ने बताया कि फाटक का बूम तोड़ने वाले ई-रिक्शा और उसके चालक को कब्जे में ले लिया गया है। मामले में रेल अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

इस घटना ने फाटक पर आए दिन लगने वाले जाम और अव्यवस्था की ओर एक बार फिर ध्यान खींचा है।

राजेश वार्ष्णेय एमके

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