बदायूं
बदायूं में गंगा खतरे के निशान से सिर्फ 2 सेंटीमीटर नीचे, उसावां के गांवों में कटान से हड़कंप।
रैपूरा में खेत गंगा में समाए, अब मंदिर पर संकट; कदमनगला-दल नगला में भी दहशत।
उसावां बदायूं 2 सितंबर।
बदायूं में गंगा का जलस्तर भले ही खतरे के निशान से दो सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया हो, लेकिन उसावां ब्लॉक के तटवर्ती गांवों में बाढ़ और कटान का खतरा अभी भी बरकरार है। तेज धारा और लगातार हो रहे कटान ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।
बुधवार को कछला गेज पर गंगा का जलस्तर 162.38 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 162.40 मीटर है। यानी गंगा अभी भी खतरे के निशान से महज 2 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। जलस्तर में मामूली कमी के बावजूद तेज बहाव और कटान ने कदमनगला, रैपूरा और दलनगला गांव के लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
रैपूरा में गंगा के कटान का सबसे ज्यादा असर खेती की जमीन पर पड़ा है। देखते ही देखते खेतों का बड़ा हिस्सा गंगा में समा गया। अब नदी की धारा गांव की ओर बढ़ रही है और कटान गांव के मंदिर तक पहुंच गया है।
ग्रामीणों को आशंका है कि अगर कटान नहीं रुका तो मंदिर के साथ आसपास की जमीन भी गंगा में समा सकती है। पानी का बहाव कम होने के बाद भी किनारों पर जमीन कटकर नदी में समा रही है, जिससे ग्रामीणों में दहशत है कि अगर जलस्तर दोबारा बढ़ा तो कटान और तेज हो जाएगा।


मंगलवार रात नरौरा बैराज से 77,819 क्यूसेक, बिजनौर बैराज से 97,537 क्यूसेक और हरिद्वार से 1,05,037 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा जा रहा था। लगातार छोड़े जा रहे पानी को देखते हुए तटवर्ती इलाकों में ग्रामीणों की चिंता बनी हुई है।
केशव गुप्ता।
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