साप्ताहिक सत्संग
नेपाल की प्राकृतिक त्रासदी पर जताई चिंता, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
बिल्सी। तहसील क्षेत्र के यज्ञतीर्थ गुधनी स्थित प्रज्ञा यज्ञ मंदिर में आर्य समाज का साप्ताहिक सत्संग श्रद्धा एवं वैदिक वातावरण में आयोजित किया गया। इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय वैदिक विद्वान आचार्य संजीव रूप ने ऋग्वेद के मंत्रों से यज्ञ कराया।
यज्ञ के उपरांत आचार्य संजीव रूप ने नेपाल में आई प्राकृतिक त्रासदी पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत कष्टकारी घटना है। उन्होंने कहा कि मनुष्य द्वारा प्रकृति के साथ लगातार किए जा रहे खिलवाड़, वायु एवं जल प्रदूषण तथा प्राकृतिक संसाधनों के असंतुलित दोहन से पर्यावरणीय संकट बढ़ रहा है। यदि समय रहते प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी नहीं समझी गई तो भविष्य में भी ऐसी आपदाओं का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा के लिए प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग, प्रदूषण में कमी और बड़े स्तर पर वृक्षारोपण आवश्यक है। यज्ञ केवल आध्यात्मिक साधना ही नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता का भी माध्यम है। उन्होंने समाज से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और प्रकृति संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
नेपाल की त्रासदी पर संवेदना व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि दुःख की इस घड़ी में भारत सहित पूरी दुनिया को नेपाल के साथ खड़ा होना चाहिए। आपदा के समय मानवता की कोई सीमा नहीं होती; राहत, बचाव और पुनर्वास के कार्यों में हर संभव सहयोग किया जाना चाहिए।
इस अवसर पर श्रीमती संतोष कुमारी, कौशिकी रानी, श्रीमती सरोज देवी, कुमारी हिमांशी, कुमारी गौरी सहित आर्य संस्कारशाला के बच्चे एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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