1:45 pm Sunday , 30 August 2026
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बदायूं में हवालात में मौत या हत्या ? CCTV ने खोली दातागंज कोतवाली की पोल

बदायूं में हवालात में मौत या हत्या? CCTV ने खोली दातागंज कोतवाली की पोल।

हवालात के गेट पर तड़पता रहा दलित युवक, सिपाही टी-शर्ट खींचकर झिड़कता रहा, पानी पिलाने का नाटक कर छोड़ दिया अकेला।

बदांयू 30 अगस्त।

दातागंज कोतवाली में दलित युवक राजेश कोरी की हिरासत में मौत का मामला अब सीधे पुलिस के गले में फंस गया है। शनिवार को कोतवाली का जो CCTV सामने आया है, उसने पुलिस की पूरी कहानी को कठघरे में खड़ा कर दिया है।

वीडियो में 35 साल का राजेश हवालात के गेट पर बेहोश, अचेत पड़ा है। एक सिपाही और एक होमगार्ड उसे पानी पिलाने का दिखावा करते हैं। राजेश में पानी पीने की भी ताकत नहीं। तभी सिपाही उसकी टी-शर्ट पकड़कर उसे झिड़कता है, धक्का देता है। और फिर दोनों उसे वहीं तड़पता छोड़कर चले जाते हैं।

सवाल यही है – अगर तबीयत बिगड़ी थी तो अस्पताल क्यों नहीं? पानी पिलाने से जान बचती है क्या?

भंडारे के DJ से शुरू हुई थी कहानी गुरुवार रात अटसेना गांव में भंडारे पर DJ बज रहा था। गांव के अजीत ने आकर गाना बदल दिया। राजेश के भाई हृदेश से कहासुनी हुई, लाठी-डंडे चले। पुलिस दोनों पक्षों को पकड़ लाई। एक तरफ राजेश, दूसरी तरफ से धर्मवीर। दोनों पर शांतिभंग की कार्रवाई। शुक्रवार को कोर्ट में पेश करना था, लेकिन उससे पहले ही राजेश की हवालात में हालत बिगड़ गई।

पुलिस कहानी सुना रही है – CHC ले गए, फिर जिला अस्पताल, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।

लेकिन CCTV चीख-चीखकर पूछ रहा है – जब वो गेट पर गिरा पड़ा था, तब एम्बुलेंस कहां थी? डॉक्टर कहां था?

परिजनों ने दूसरे पक्ष पर कराया था हत्या का केस-शुरुआत में परिजनों ने पुलिस पर सीधा आरोप नहीं लगाया था। उन्होंने दूसरे पक्ष के खिलाफ हत्या की तहरीर दी, जिस पर मुकदमा दर्ज भी हुआ। लेकिन अब वीडियो वायरल होने के बाद मामला पलट गया है।

कांग्रेस-भीम आर्मी ने घेरा, SSP को जांच देनी पड़ी-वीडियो आते ही सियासत गरमा गई।
यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा – यूपी में लॉकअप के अंदर दलितों को मारा जा रहा है। क्या यही कानून का राज है? सिटिंग जज से जांच हो।

आजाद समाज पार्टी के विनय रतन सिंह ने सीधा सवाल दागा – अगर राजेश को दूसरे पक्ष ने मारा था, तो वो पुलिस हिरासत में क्यों था? और अगर वो पुलिस हिरासत में सुरक्षित था, तो हवालात में मर कैसे गया?

भीम आर्मी ने भी स्वतंत्र जांच की मांग की है।
दबाव बढ़ने पर SSP अंकिता शर्मा ने जांच SP सिटी अभिषेक सिंह को सौंपी है। कोतवाली के सारे CCTV सीज करने की मांग उठ रही है।

अब 3 सवाल जिनका जवाब दातागंज पुलिस को देना ही होगा-
हवालात में राजेश की हालत कब बिगड़ी? CCTV में दिख रहे समय और अस्पताल ले जाने के समय में कितना गैप है?
जब युवक अचेत था, तो तत्काल मेडिकल मदद क्यों नहीं दी गई? सिपाही झिड़क क्यों रहा था?
क्या यह कस्टोडियल डेथ को बीमारी का नाम देकर दबाने की कोशिश है?

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और SP सिटी की जांच ही तय करेगी कि यह लापरवाही से हुई मौत है या हवालात में हुई हत्या।

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