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बदायूं में फिर मंडराया कटान का खतरा, गंगा की धारा आबादी से महज 20 मीटर दूर

बदायूं में फिर मंडराया कटान का खतरा, गंगा की धारा आबादी से महज 20 मीटर दूर।

कदमनगला को निगलने के बाद अब रैपुरा गांव पर संकट, दिन-रात निगरानी को मजबूर ग्रामीण।

बदांयू 30 अगस्त।

बदायूं में गंगा नदी का कटान एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा रहा है। उसावां ब्लॉक के कदमनगला गांव को अपनी धारा में समेटने के बाद अब गंगा का रुख पड़ोसी गांव रैपुरा की ओर हो गया है।

सिठौली खाम ग्राम पंचायत के रैपुरा गांव के सामने गंगा तेजी से जमीन काट रही है। नदी की मुख्य धारा अब आबादी वाले हिस्से से करीब 20 मीटर दूर रह गई है। कटान की रफ्तार को देखते हुए ग्रामीण दिन-रात गंगा किनारे निगरानी कर रहे हैं।

ग्रामीणों को डर है कि अगर इसी तरह कटान जारी रहा तो पहले कृषि भूमि और फिर उनके घर भी नदी की धारा में समा जाएंगे। कदमनगला में हुई तबाही को अपनी आंखों से देखने वाले ग्रामीण अब रैपुरा को लेकर बेहद चिंतित हैं।

ग्राम प्रधान राकेश कश्यप ने बताया कि गांव में कटान लगातार जारी है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते कटानरोधी कार्य नहीं कराया गया तो गांव के सामने गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।

ग्रामीणों का कहना है कि कदमनगला गांव में गंगा के कटान ने भारी तबाही मचाई है। अब उसी तरह का खतरा रैपुरा पर मंडरा रहा है। आशंका है कि नदी की धारा पहले खेतों को काटेगी और इसके बाद आबादी की ओर बढ़ सकती है।

रविवार को कछला में गंगा का जलस्तर 162.15 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 162.40 मीटर से 25 सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर खतरे के निशान से नीचे होने के बावजूद तेज बहाव के कारण कटान का खतरा बना हुआ है।

वहीं, ऊपरी बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। शनिवार रात नरौरा बैराज से 71,051 क्यूसेक, बिजनौर बैराज से 49,005 क्यूसेक और हरिद्वार से 63,715 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी दी गई है। ग्रामीणों के मुताबिक यह पानी रविवार रात तक क्षेत्र में पहुंचने की आशंका है, जिससे बहाव और तेज होने का खतरा है।

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