कछला गंगा घाट कांवड़ मेले में तहबाजारी के नाम पर खुली लूट, डमरू बजाने वाले तक से वसूली।




आस्था के मेले में नगर पंचायत का अजब ठेका, रसीद वायरल होने से मचा हड़कंप।
उझानी-बदांयू 22 अगस्त
कछला गंगा घाट पर चल रहे सावन कांवड़ मेले में नगर पंचायत कछला द्वारा दिए गए तहबाजारी ठेके में जमकर मनमानी हो रही है। ठेके की आड़ में स्थाई-अस्थाई दुकानदारों से लेकर फेरी वाले, ठेले-खोमचे वाले ही नहीं बल्कि घाट पर कर्मकांड कराने वाले पंडा-पुरोहित, मुंडन करने वाले नाई और डमरू बजाने वालों तक से वसूली की जा रही है।
इस वसूली की एक रसीद सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसके बाद नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
वायरल रसीद पर मेला व्यवस्था ठेका गंगाघाट, नगर पंचायत कछला (बदायूं), वर्ष 2026-27 अंकित है। रसीद में 6 श्रेणियां बनी हुई हैं –
– स्थाई, अस्थाई दुकानदार
– फेरी लगाकर बेचने वाले दुकानदार
– पंडित कर्म शुल्क समस्त घाट
– मुण्डन संस्कार करने वाले
– ठेला-ठेली पर बेचने वाले
– डमरू बजाने वाले।
वायरल हुई रसीद में एक दुकानदार राकेश पाल से दो हजार रुपये की वसूली दिखाई गई है और उस पर ठेकेदार के हस्ताक्षर हैं।
बताते चलें कि कछला गंगा घाट ब्रज क्षेत्र के प्रमुख कांवड़ मेलों में से एक है। सावन माह में यहां लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान और कांवड़ में जल भरने आते हैं। ऐसे में नगर पंचायत ने इस बार मेले की तहबाजारी का ठेका मोटी रकम पर उठाया है। आरोप है कि ठेकेदार लागत वसूलने के लिए हर छोटे-बड़े व्यक्ति से जबरन वसूली कर रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आस्था के इस मेले में दुकानदारों से 2000 से 5000 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। यहां तक कि गरीब डमरू बजाकर अपना गुजारा करने वालों को भी नहीं बख्शा जा रहा। विरोध करने पर दुकान हटाने की धमकी दी जाती है।
इधर, इस मामले में नगर पंचायत के अधिकारियों का पक्ष नहीं मिल सका है।
राजेश वार्ष्णेय एमके।
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