11:45 am Thursday , 20 August 2026
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उझानी-श्री शिव महापुराण कथा का तृतीय दिवस, भक्ति में झूमे श्रद्धालु

उझानी-श्री शिव महापुराण कथा का तृतीय दिवस, भक्ति में झूमे श्रद्धालु।

उझानी-बदांयू 20 अगस्त।

उझानी स्थित श्रवण कुमार अग्रवाल अग्रसेन धर्मशाला में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के तृतीय दिवस पर बुधवार को भक्तिभाव का अद्भुत नजारा देखने को मिला। परमपूज्य प्रवीन जी महाराज ने कथा के माध्यम से भगवान शिव की करुणा और सरलता का वर्णन कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।

महाराज श्री ने आज कुबेर और भगवान शंकर की मित्रता की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि भगवान शिव अपने भक्तों से निश्छल प्रेम करते हैं। इसीलिए धन के देवता कुबेर भी शिव के सखा बने। महाराज ने कहा, शिव इतने भोले हैं कि वे अपने भक्त से न धन मांगते हैं, न आडंबर। उन्हें तो बस एक लोटा जल और एक पुष्पमाला ही प्रिय है। सच्चे मन से की गई आराधना से वे तुरंत प्रसन्न हो जाते हैं।

कथा में महाराज ने गुननिधि नामक ब्राह्मण का प्रसंग भी सुनाया। उन्होंने बताया कि गुननिधि जैसा पापी व्यक्ति भी यदि सच्चे मन से शिव की शरण में आ जाए तो भगवान उसे अपना लेते हैं और उसकी सभी गलतियों को क्षमा कर देते हैं। पापी से पापी व्यक्ति भी शिव की आराधना कर सकता है, क्योंकि शिव शरणागत वत्सल हैं, महाराज ने कहा।

कथा के दौरान जब भजन गाए गए तो पूरा पंडाल शिवमय हो गया। श्रोता भक्ति गीतों पर झूमते हुए नाचने लगे। ढोल-मंजीरे की धुन और “बोल बम” के जयकारों से धर्मशाला का माहौल पूरी तरह शिवभक्ति से सराबोर रहा।

कथा में किशन चंद्र शर्मा, संजीव गुप्ता, हृदेश गोयल, संजीव गोयल, ओमप्रकाश सिसोदिया, ओमप्रकाश चौहान, आलोक गोयल, कमलेश वार्ष्णेय, शांति देवी, साधना शर्मा, प्रीति गोयल, सुमन गोयल, नीता गोयल, नीता वर्मा और योगेश सोलंकी सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजकों ने सभी आगंतुकों के लिए प्रसाद और भंडारे की व्यवस्था की।

कथा का समापन आरती और महामृत्युंजय जाप के साथ हुआ। आयोजकों ने बताया कि कथा अगले दिन भी इसी समय जारी रहेगी।

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