4:36 pm Tuesday , 18 August 2026
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उझानी-नरऊ मार्ग पर नाले का पानी बना मुसीबत, सड़क कटी, दर्जनों बीघा खेत जलमग्न

नरऊ गांव के लोग परेशान, राहगीर गड्ढों में गिरकर घायल।

उझानी-बदांयू 18 अगस्त।

बीती रात हुई बारिश के बाद उझानी-कादरचौक मार्ग पर नगर पालिका के नाले का गंदा पानी कहर बनकर टूट पड़ा है। नरऊ गांव की तरफ बह रहे नाले का पानी अब सड़क को काटते हुए दूसरी ओर के खेतों में घुसने लगा है। इससे न सिर्फ यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि किसानों की वर्षों की मेहनत भी पानी में डूब गई है।

धरने के बाद तालाब बचा, सड़क और खेत फंसे
गांव नरऊ के लोग पिछले कई वर्षों से नाले के गंदे पानी से अपने खेत बचाने की मांग करते आ रहे थे। धरना-प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने नवनिर्मित हाईवे से गांव के तालाब में पानी जाने पर रोक तो लगा दी, लेकिन इसका समाधान समस्या को एक जगह से दूसरी जगह धकेलने जैसा साबित हुआ।

अब नाले का पूरा पानी उझानी-कादरचौक मार्ग के किनारे बह रहा है। नतीजा यह कि मार्ग की एक साइड में सैकड़ों बीघा उपजाऊ खेत तालाब में तब्दील हो गए हैं। दर्जनों किसानों के खेतों में अब पानी भर जाने से नागफनी और जंगली घास उग आई है। खेती तो दूर, खेत में पैर रखना भी मुश्किल हो गया है।

शहर में जरा सी बारिश होते ही सारा पानी इसी नाले में आता है। एक तरफ के खेत निगलने के बाद अब यही गंदा पानी नरऊ की मुख्य सड़क को काटता हुआ दूसरी तरफ के खेतों की ओर बढ़ रहा है। सड़क पर पानी भरने से बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि रोजाना नरऊ आने-जाने वाले राहगीर और बाइक सवार इन गड्ढों में गिरकर घायल हो रहे हैं। शाम होते ही हादसे का खतरा और बढ़ जाता है क्योंकि पानी की वजह से गड्ढे दिखाई नहीं देते।

प्रशासन ध्यान दे, वरना आवागमन बंद हो जाएगा –
ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से ले और नाले के पानी की निकासी का स्थायी समाधान निकाले। उनका कहना है कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो नाले का पानी पूरी सड़क को काट देगा और नरऊ का संपर्क उझानी-कादरचौक मार्ग से टूट जाएगा।

नरऊ के प्रधान उपदेश कुमार,छोटे लाल,किसान रामपाल, श्याम सिंह और अन्य ग्रामीणों ने कहा कि उनकी फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। मुआवजे के साथ-साथ नाले को पक्का कर पानी को वैकल्पिक निकासी देने की मांग की गई है।

फिलहाल स्थिति यह है कि बारिश के बाद हर बार यही नजारा दोहराया जा रहा है। प्रशासन के भरोसे बैठे नरऊ वासी अब सड़क और खेत दोनों बचाने की गुहार लगा रहे हैं।

राजेश वार्ष्णेय एमके की रिपोर्ट ।

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