बदायूं
कदमनगला में गंगा का कहर: मेंथा प्लांट का भंडार गृह नदी में समाया, सैकड़ों बीघा जमीन कटान की भेंट
केशव गुप्ता
उसहैत/बदायूं। गंगा नदी के लगातार हो रहे तेज कटान से उसहैत क्षेत्र के कदमनगला गांव में हालात गंभीर होते जा रहे हैं। मंगलवार को कटान की चपेट में आकर देवेंद्रपाल के मेंथा प्लांट का भंडार गृह गंगा नदी में समा गया। अब मौके पर भवन के अवशेष ही दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा कई छप्परनुमा मकानों को भी नुकसान पहुंचा है।
ग्रामीणों के मुताबिक गांव में पिछले करीब 22 दिनों से बाढ़ और कटान का संकट बना हुआ है। गंगा का जलस्तर भले ही फिलहाल स्थिर है, लेकिन तेज धार के कारण लगातार भू-कटान हो रहा है। सैकड़ों बीघा कृषि भूमि पहले ही नदी में समा चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि धीरे-धीरे गांव का अस्तित्व भी खतरे में पड़ता जा रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए कई परिवार अपने घर खाली कर चुके हैं, लेकिन पशुओं को छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाना उनके लिए संभव नहीं है। गांव के चारों ओर पानी भरा होने से मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। अमित यादव, वीरपाल और राजवीर समेत ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कीटनाशक दवाओं का छिड़काव नहीं कराया जा रहा है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि पहले गांव का माध्यमिक विद्यालय भवन भी गंगा की धारा में समा चुका है। खेतों के कट जाने से ग्रामीणों के सामने रोजगार और परिवार के भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। उनका आरोप है कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के दौरे के बावजूद गांव को कटान से बचाने और राहत पहुंचाने के लिए अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। मंगलवार को भी गांव में राहत शिविर नहीं लगाया गया।
हालांकि, उपजिलाधिकारी दातागंज विनोद कुमार सिंह दो बार कटान स्थल का निरीक्षण कर चुके हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद ग्रामीणों में गंगा के बढ़ते कटान को लेकर दहशत बनी हुई है और वे प्रशासन से तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराने की मांग कर रहे हैं।
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