बदायूं
स्वतंत्रता दिवस पर उसावां में गूंजा साहित्य का स्वर, भव्य कवि सम्मेलन में देशभक्ति और सामाजिक चेतना की रचनाओं ने बांधा समां
केशव गुप्ता
उसावां/उसहैत। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर दि ऑस्कर पब्लिक स्कूल उसावां एवं मंदाकिनी साहित्य मंच उसावां के संयुक्त तत्वावधान में भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पंचायत उसावां की चेयरपर्सन प्रियंका सिंह चौहान एवं उनके पति अनिल सिंह चौहान ने फीता काटकर किया।
कार्यक्रम की शुरुआत कवयित्री रश्मि रति द्वारा सरस्वती वंदना की प्रस्तुति से हुई। इसके बाद मंच पर मौजूद कवियों एवं शायरों ने देशभक्ति, सामाजिक सरोकार, हास्य-व्यंग्य, प्रेम और जीवन के विभिन्न पहलुओं से जुड़ी रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं को देर रात तक मंत्रमुग्ध किए रखा। देशभक्ति से ओतप्रोत रचनाओं पर श्रोताओं ने जमकर तालियां बजाईं।
कवि सम्मेलन का संचालन आदेश कुमार सिंह ने किया, जबकि अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार नंदकिशोर पाठक ने की। कवि अमित अम्बर ने बुजुर्गों के सम्मान और भारतीय संस्कारों को समर्पित पंक्तियां प्रस्तुत करते हुए कहा—
“निकल कर सामने जब भी कोई आए बड़ा बूढ़ा, यकीं मानो अदब से सर हमारा झुक ही जाता है।”
उनकी प्रस्तुति को श्रोताओं ने खूब सराहा।
संतोष कुमार सिंह ने संघर्ष और सफलता का संदेश देते हुए कहा—
“हे पथिक सफलता के पथ का संघर्ष तुम्हें करना होगा, तज चिंता पथ के कांटों की आगे तुमको बढ़ना होगा।”
वहीं वरिष्ठ कवि महेश मिश्रा ‘अग्निमुख’ ने अपनी ओजस्वी रचना से आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प का संदेश दिया—
“ध्रुव से अटल हर पटल पर व्यवधान मेरा क्या करेगा, दिवस निशि गतिमान है दिनमान मेरा क्या करेगा।”
जगपाल ‘जग’ ने विरह की मार्मिक अनुभूति को शब्द देते हुए कहा—
“आप से बिछड़े हुए हमको जमाना हो गया, अब तो अपना जख्म भी काफी पुराना हो गया।”
मुशीर अहमद ‘मुशीर’ ने सामाजिक संवेदनाओं को स्वर देते हुए अपनी शायरी प्रस्तुत की, जबकि रामानंद मिश्रा की प्रस्तुति ने श्रोताओं को खूब गुदगुदाया और वाहवाही बटोरी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ साहित्यकार नंदकिशोर पाठक ने युवा पीढ़ी को सामाजिक मूल्यों और इंसानियत का संदेश देते हुए पढ़ा—
“इस देश की पहचान थी इंसानियत की शान, इंसानियत के नाम पर इंसान था कुर्बान, पर जाने देश कहां से कहां पे पहुंचा जा रहा, ये है विकास की घड़ी या नाश आ रहा।”
इन पंक्तियों पर भी श्रोताओं ने तालियों से कवि का उत्साहवर्धन किया।
कवि सम्मेलन में मशहूर शायर अब्दुल बहाव खां आजाद भारतीय, मुशीर अहमद मुशीर, संतोष कुमार सिंह, अमित अंबर, ए.पी. सिंह यादव, रामानंद मिश्र, जगपाल ‘जग’, सुरेश यादव, रामनरेश यादव, महेश मिश्रा अग्निमुख सहित अनेक कवि एवं शायरों ने काव्य पाठ किया।
कार्यक्रम में साहित्य प्रेमियों, विद्यालय परिवार के सदस्यों और क्षेत्र के गणमान्य लोगों की मौजूदगी रही। वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर साहित्यिक आयोजन नई पीढ़ी में देशप्रेम, संस्कार और सामाजिक चेतना जगाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, कवियों, शायरों एवं उपस्थित श्रोताओं का आभार व्यक्त किया। स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित यह भव्य कवि सम्मेलन राष्ट्रप्रेम, साहित्य और सामाजिक चेतना के सुंदर संगम के रूप में यादगार बन गया।
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