डी.आर.डी.ए. के बाबू ने कर दी लापरवाही की सारी हदें पार
जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, बदायूं में सम्बद्ध प्रधान सहायक वर्तमान में विधायक निधि का पटल देख रहे हैं। उन्हें कमीशनखोरी की इतनी ज्यादा लालसा है कि उनके द्वारा अधिकारियों से सांठ-गांठ करके किसी और व्यक्ति को कार्यालय से सम्बद्ध ही नहीं होने दिया ताकि वह अकेले ही सभी विधायकों की निधियों के राजा बनकर बैठ जाए और कमीशन की उगाही करते रहें। वर्तमान में वह चार-चार विधायकों (विधायक निधि- बिल्सी, दातागंज, शेखूपुर तथा बदायूँ सदर) की निधि देख रहे हैं। जिसमें वो कमीशन के लालच में अंधे होकर अपनी मनमर्जी चलाते हैं। इस बात का जीता जागता उदाहरण विधायक निधि शेखूपुर का है, जिसके अंतर्गत विधायक जी को वर्ष 2024-25 में जनता की भलाई के लिए सरकार द्वारा 7 करोड़ रुपए का बजट दिया गया था किन्तु उनकी मेहरबानी देखिए उन्होंने 7 करोड़ के आवंटन के सापेक्ष 8.55 करोड़ रूपए के कामों को स्वीकृत कर दिया। यह सब इसलिए किया गया ताकि उनकी कमीशन मोटी बन सके। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या उच्च अधिकारी इस कृत्य से बिल्कुल बेख़बर हैं या फिर एक बाबू की पहुँच इतनी अधिक हो गयी है कि कोई भी अधिकारी उससे कुछ कह भी नहीं पा रहा है। इस प्रकार का कार्य विकास विभाग की कार्यशैली पर बहुत बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है क्योंकि इस प्रकार के कार्य शासन के नियमों की स्पष्ट अनदेखी है।
bdnindia.com bdnindia.com | www.bdnindia.com







