उझानी: गोवर्धन लीला के भावपूर्ण वर्णन के साथ श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव संपन्न।
रामचन्द्राचार्य बोले – भागवत कथा जीवन को सत्य और प्रेम की दिशा देने वाला आध्यात्मिक प्रकाश।
उझानी बदायूं 11 मई ।
अब्दुल्ला गंज के सुप्रसिद्ध बड़ा हनुमान मंदिर में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का सोमवार को भक्तिमय माहौल में समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन कथा शिरोमणि स्वामी रामचन्द्राचार्य महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की गोवर्धन लीला का मार्मिक वर्णन किया, जिसे सुनकर पंडाल में मौजूद सैकड़ों श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। पूरे परिसर में “गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण की जय” के गगनभेदी जयकारे गूंजते रहे।
गोवर्धन लीला से मिला प्रकृति संरक्षण का संदेश-
स्वामी रामचन्द्राचार्य ने कहा कि देवराज इंद्र के अभिमानवश ब्रज पर की गई मूसलाधार वर्षा से बचाने के लिए श्रीकृष्ण ने कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत धारण कर ब्रजवासियों, गौवंश और प्रकृति की रक्षा की। “यह लीला हमें सिखाती है कि सच्चा ईश्वर वही है जो अपने भक्तों और समस्त जीवों की रक्षा को तत्पर रहे। इंद्र का अभिमान टूटना प्रमाण है कि अहंकार प्रभु कृपा के आगे टिक नहीं सकता” ।
उन्होंने आज के समय में प्रकृति से बढ़ती दूरी पर चिंता जताई। “गोवर्धन पूजा जल, वन, पर्वत और गौ सेवा के संरक्षण का पर्व है। प्रकृति की रक्षा ही मानव जीवन की रक्षा है”, महाराज श्री ने श्रद्धालुओं से अहंकार, क्रोध और लोभ त्यागकर सेवा व भक्ति का मार्ग अपनाने का आह्वान किया।
भागवत कथा से होता है संस्कारों का जागरण-
भागवत महापुराण की महिमा बताते हुए उन्होंने कहा, “जहां श्रीमद्भागवत कथा होती है, वहां धर्म, संस्कार और सद्भाव का स्वतः जागरण हो जाता है। यह कथा जीवन को सत्य, प्रेम और मानवता की दिशा देने वाला आध्यात्मिक प्रकाश है। आज की पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ना सबसे बड़ी जरूरत है।”
समापन अवसर पर श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से व्यास पीठ का पूजन कर आशीर्वाद लिया। आयोजन समिति ने कथा व्यास का माल्यार्पण कर सम्मान किया और क्षेत्र की सुख-समृद्धि व जनकल्याण की मंगलकामना की गई।


इस दौरान कमला कान्त महाराज, राजीव लोचन महाराज, धर्मेंद्र कुमार शर्मा, विपिन कुमार शर्मा, ममता शर्मा, आरती शर्मा, अजब सिंह, सचिन सिंह, जसवीर यादव, प्रमोद कुमार, आनंद मिश्रा, राजाबाबू सिंह, अतिवीर यादव, ज्ञान चंद्र शर्मा, भगवान स्वरूप, ब्रह्मानंद शर्मा समेत बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी मौजूद रहे।
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