राजा लक्ष्मण सिंह (Raja Laxman Singh) भारतेंदु हरिश्चंद्र युग से पूर्व की हिन्दी गद्यशैली के प्रमुख विधायक थे। उन्होंने हिन्दी को हिन्दी संस्कृति के अनुकूल संस्कृतनिष्ठ बनाने की चेष्टा की। आगरा से ‘प्रजा हितैषी’ पत्र भी उन्होंने निकाला। राजा लक्ष्मण सिंह ने कालिदास के ‘अभिज्ञान शाकुन्तलम्’, ‘रघुवंश’ एवं ‘मेघदूतम्’ का हिन्दी में अनुवाद किया था।
*गूगल से साभार*
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