11 साल से मानदेय वृद्धि न होने पर कर्मचारियों में आक्रोश, तीन सितंबर से सामूहिक कार्य बहिष्कार की चेतावनी
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के मंडल, जिला व विकासखंड स्तर के कर्मचारियों ने निदेशक पंचायती राज को भेजा ज्ञापन
बदायूं। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत मंडल, जनपद एवं विकासखंड स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों ने करीब 11 वर्षों से मानदेय में वृद्धि नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई है। स्वच्छता कर्मचारी वेलफेयर एसोसिएशन ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर निदेशक पंचायती राज विभाग उत्तर प्रदेश को पत्र भेजकर मानदेय में वृद्धि की मांग की है। मांग पूरी न होने पर संगठन ने तीन सितंबर 2026 से सामूहिक कार्य बहिष्कार करने की चेतावनी दी है।
एसोसिएशन की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत 18 मंडल, 75 जनपद और 826 विकासखंड स्तर पर कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें मंडल स्तर पर मंडल कंसल्टेंट, मंडल ऑपरेटर, जिला स्तर पर जिला कंसल्टेंट, योजना सहायक व जिला ऑपरेटर तथा विकासखंड स्तर पर ब्लॉक समन्वयक और कंप्यूटर ऑपरेटर सहित अन्य कर्मचारी शामिल हैं। पत्र के मुताबिक इन कर्मचारियों का चयन वर्ष 2015 से 2017 के बीच किया गया था।
संगठन का कहना है कि कर्मचारी लंबे समय से स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के कार्यों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद पिछले करीब 11 वर्षों से मानदेय में कोई समुचित वृद्धि नहीं की गई है। इस अवधि में महंगाई के साथ बच्चों की शिक्षा, चिकित्सा, आवास, खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की जरूरतों पर होने वाला खर्च लगातार बढ़ा है, जबकि कर्मचारियों का मानदेय लगभग उसी स्तर पर बना हुआ है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि 6 जून 2022 के पत्र के माध्यम से प्रदेश के कार्यरत स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के कर्मचारियों को पंचायती राज निदेशालय, लखनऊ स्तर से चयनित एजेंसियों के माध्यम से रखे जाने की व्यवस्था की गई थी। एसोसिएशन ने इस व्यवस्था में कार्यरत कर्मचारियों के हितों तथा मानदेय वृद्धि के संबंध में भी ठोस निर्णय लेने की मांग की है।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार संगठन की ओर से समय-समय पर मिशन कार्यालय और निदेशालय के अधिकारियों को पत्र देकर तथा बैठकों के माध्यम से मानदेय वृद्धि की मांग उठाई जाती रही है। जनवरी 2026 में भी संगठन की ओर से मांग को लेकर पत्र भेजकर अधिकारियों के समक्ष मुद्दा रखा गया, लेकिन अब तक मानदेय वृद्धि को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
कर्मचारियों ने निदेशक पंचायती राज से मांग की है कि लंबे समय से लंबित मानदेय वृद्धि पर शीघ्र निर्णय लिया जाए, ताकि कर्मचारियों को बढ़ती महंगाई में राहत मिल सके। मांग पूरी न होने पर तीन सितंबर से सामूहिक कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी गई है। इससे स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के कार्य प्रभावित होने की आशंका है।
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