कुंवर गांव संवाददाता
कुंवरगांव। भाई-बहन के अटूट प्रेम का पर्व रक्षाबंधन नजदीक आते ही नगर कुंवरगांव के बाजार में चहल-पहल बढ़ गई है। त्योहार को लेकर बाजार में राखियों की स्थायी और अस्थायी दुकानें सज गई हैं। दुकानों पर विभिन्न डिजाइनों, रंगों और आकर्षक रूप वाली राखियां लोगों का ध्यान खींच रही हैं।
दूरदराज रहने वाले भाइयों को राखी भेजने के लिए बहनों के लिए विशेष पैकेट भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन पैकेटों में राखी के साथ रक्षाबंधन पर्व में इस्तेमाल होने वाली आवश्यक सामग्री को भी शामिल किया गया है। वहीं बच्चों के लिए भी बाजार में कई तरह की आकर्षक राखियां मौजूद हैं। डोरेमोन, लाइट जलने वाली, जयपुरी, म्यूजिकल और पोकीमोन डिजाइन की राखियां बच्चों को खासा आकर्षित कर रही हैं।
सर्राफा बाजार में चांदी की राखियों की भी मांग
नगर के सर्राफा बाजार में असली चांदी से बनी राखियां भी उपलब्ध हैं। हालांकि चांदी के दामों में तेजी के चलते इन राखियों की कीमत अधिक होने से इन्हें खरीदने वालों की संख्या सामान्य राखियों की तुलना में कम दिखाई दे रही है।
आधुनिकता के दौर में भी कायम है परंपरा
मोबाइल और इंटरनेट के दौर में संचार के साधन भले ही तेजी से बदल गए हों, लेकिन रक्षाबंधन की सदियों पुरानी परंपरा आज भी कायम है। बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनकी सुख-समृद्धि और लंबी उम्र की कामना करती हैं। यही वजह है कि आधुनिकता के बावजूद रक्षाबंधन के पर्व को लेकर लोगों में उत्साह और परंपराओं के प्रति आस्था बरकरार है।




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