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गंगा के बढ़ते जलस्तर और कटान से कदममंगला में दहशत, आबादी तक पहुंचा पानी

बदायूं

गंगा के बढ़ते जलस्तर और कटान से कदममंगला में दहशत, आबादी तक पहुंचा पानी

केशव गुप्ता

हजारों बीघा कृषि भूमि गंगा में समाई, करीब एक दर्जन मकान कटे; सरकारी स्कूल पर भी मंडराया खतरा
कदममंगला। गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर और तेज कटान ने कदममंगला गांव के ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले कई दिनों से जारी कटान के चलते हजारों बीघा कृषि भूमि गंगा की धारा में समा चुकी है। अब कटान आबादी की ओर तेजी से बढ़ रहा है। कई मकानों के आसपास की जमीन कटकर नदी में समा चुकी है, जबकि करीब एक दर्जन मकान गंगा की धारा में समा जाने की बात सामने आई है। गांव का सरकारी स्कूल भी कटान की जद में आ गया है।
इधर, ऊपरी बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने के बाद गंगा का जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। बढ़ते जलस्तर का पानी अब गांव की आबादी तक पहुंच गया है। शनिवार को पानी अमिता यादव के घर तक पहुंचने के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। प्रभावित परिवार अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हुए हैं।
3.26 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया
ऊपरी बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण कछला में गंगा का जलस्तर बढ़ने की आशंका बनी हुई है। नरोरा बैराज से 1,34,584 क्यूसेक, बिजनौर बैराज से 99,406 क्यूसेक और हरिद्वार से 92,870 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। तीनों बैराजों से मिलाकर कुल 3,26,860 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसका असर आने वाले घंटों में कछला समेत गंगा के तटवर्ती इलाकों में दिखाई देने की आशंका जताई जा रही है।
घर बचाने की जद्दोजहद में जुटे ग्रामीण
गंगा का पानी आबादी की ओर बढ़ने के साथ ग्रामीणों ने अपने घरों से जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। कई परिवार सोलर पैनल और बिजली के अन्य उपकरण भी घरों से उतारकर सुरक्षित जगहों पर ले जा रहे हैं। ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने घर और सामान को बढ़ते पानी और कटान से बचाने की है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के सामने खतरा केवल बाढ़ के पानी का नहीं, बल्कि गंगा के लगातार बढ़ते कटान का भी है। नदी की धार पिछले कई दिनों में गांव का बड़ा हिस्सा निगल चुकी है। खेतों के बाद अब कटान आबादी की ओर पहुंच गया है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।
प्रभावित परिवारों में बढ़ी चिंता
कटान से प्रभावित परिवारों में राजाराम, नेक राम, पाती राम, आशाराम, जगपाल, धनपाल, सुनील, अनिल, महेश कुमार, मीना, उमेश और अजय सहित कई परिवार शामिल हैं। कई परिवार एहतियातन अपना जरूरी सामान पहले ही निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर जा चुके हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि गंगा का जलस्तर और बढ़ा तथा कटान का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले समय में आबादी के लिए खतरा और गंभीर हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा, राहत और बचाव के तत्काल इंतजाम कराने की मांग की है।
कदममंगला में इस समय ग्रामीणों की नजर गंगा के बढ़ते जलस्तर और कटान पर टिकी हुई है। खेतों और मकानों के बाद अब सरकारी स्कूल तक पहुंचा कटान यह संकेत दे रहा है कि हालात को हल्के में लेना ग्रामीणों के लिए भारी पड़ सकता है।

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