बिल्सी
नगर के रामलीला मैदान में चल रही गौशाला रामलीला कमेटी के तत्वावधान में आयोजित रामलीला महोत्सव के दूसरे दिन मंचन में कलाकारों द्वारा महाराजा मनु और सत्यरूपा की तपस्या की लीला का मंचन किया।
रामलीला व्यास ने रामचरित मानस के माध्यम से कथा का मंचन किया। महाराजा मनु और महारानी सत्यरूपा ने अपने पुत्र उत्तानपाद को राजगद्दी सौंपी। इसके बाद वे तपस्या के लिए वन चले गए।
हजारों वर्षों की तपस्या के बाद भगवान विष्णु प्रकट हुए। उन्होंने मनु को वर मांगने को कहा। मनु ने अपने समान पुत्र की मांग की। भगवान विष्णु ने वचन दिया कि जब मनु अयोध्या में दशरथ के रूप में जन्म लेंगे, तब वे स्वयं अपने अंशों सहित उनके यहां अवतार लेंगे।रात्रि नौ बजे श्री श्याम सेवा मंडल समिति द्वारा विधि विधान से भगवान राम की पूजा अर्चना की गई। इसी के साथ रामलीला मंचन का शुभारंभ किया गया ।इस अवसर पर विकास वार्ष्णेय बब्बू भैया, अंशुल वार्ष्णेय, अजीत गुर्जर, मोहित गुप्ता, गोपाल वार्ष्णेय, उमेश गुप्ता सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।



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