बदायूं
UP के सरकारी स्कूलों में यूट्यूबर्स और बाहरी लोगों के वीडियो बनाने पर रोक।
प्रशासन का तर्क- बच्चों की सुरक्षा और शिक्षकों की गरिमा पर पड़ रहा था असर।
लखनऊ 20 अगस्त।
उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब कोई भी बाहरी व्यक्ति कैमरा लेकर प्रवेश नहीं कर सकेगा। बेसिक शिक्षा विभाग ने यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया क्रिएटर्स के स्कूल परिसर में वीडियो बनाकर पोस्ट करने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है।
विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, अब बिना अनुमति के कोई भी व्यक्ति स्कूल में वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं कर सकेगा। यह आदेश प्रदेश के सभी परिषदीय, प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
प्रशासन का कहना है कि आए दिन कुछ लोग स्कूल समय में कैमरा और माइक लेकर पहुंच जाते हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है। कई बार बच्चों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन होता है और शिक्षकों की गरिमा भी प्रभावित होती है। इसी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
स्कूल के गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों और प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी बाहरी व्यक्ति को बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के अंदर न आने दिया जाए।
हालांकि इस फैसले पर सवाल भी खड़े हो रहे हैं। अक्सर सोशल मीडिया के जरिए ही सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील की गुणवत्ता, खस्ताहाल बिल्डिंग और शिक्षकों की अनुपस्थिति जैसे मामलों का खुलासा होता रहा है। ऐसे में लोगों का कहना है कि इस रोक से स्कूलों की अव्यवस्थाएं दब सकती हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी स्कूल में कोई गंभीर समस्या है तो उसकी शिकायत सीधे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी या संबंधित ब्लॉक शिक्षा अधिकारी से की जा सकती है, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करना समाधान नहीं है।
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