1:03 pm Tuesday , 18 August 2026
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बदायूं: कछला घाट पर फिर लौटा ‘गुंडा टैक्स’

बदायूं: कछला घाट पर फिर लौटा ‘गुंडा टैक्स’
DM-SSP की नाक के नीचे अवैध वसूली, 2 दबोचे।

नगर पंचायत पर मिलीभगत के आरोप।

बदांयू 18 अगस्त।

कांवड़ मेले की आस्था पर एक बार फिर ‘गुंडा टैक्स’ का धब्बा लग गया है। कछला घाट पर पिछले कई सालों से चल रही अवैध पार्किंग वसूली खबरें छपने के बाद कुछ दिन ठप हुई थी, लेकिन अब नगर पंचायत की शह पर उसी अंदाज में शुरू हो गई है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मेला क्षेत्र में रोजाना डीएम और एसएसपी समेत जिले के आला अफसरों का काफिला इसी रास्ते से गुजरता है, फिर भी बिना किसी ठेके के वसूली धड़ल्ले से चल रही थी।

रविवार को मामला तब खुला जब एक कांवड़िया टोली ने कोतवाली पुलिस से शिकायत की।

उपनिरीक्षक अविनाश पुण्डीर के मुताबिक, अस्थायी बैरियर नंबर-02 के पास गश्त के दौरान कांवड़ियों ने बताया कि निर्माणाधीन बाईपास के पास खड़े दो युवक बाइक सवारों को रोककर धमका रहे हैं। कह रहे थे – यहां बाइक खड़ी करनी है तो 50 रुपये दो, वरना यहीं से चोरी करा देंगे।

कांवड़ियों की शिकायत मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर दो लोगों को मौके से पकड़ लिया।
पकड़े गए देवेन्द्र ओर मिथुन चौहान निवासी कछला निकले।
पुलिस का कहना है कि दोनों के पास कोई पार्किंग लाइसेंस नहीं था।

पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि उन्हें कछला की रेखा पत्नी नरेश यादव,पूर्व चेयरमैन नरेश यादव और मोटे उर्फ उधल ने 500-500 रुपये रोज पर रखा है। टारगेट तय था – हर बाइक से 50 रुपये वसूलना। आरोपियों ने बताया कि जिस जमीन पर वसूली हो रही थी वह नरेश पाल की है।

हालांकि एफआईआर में पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई लिखा है, जबकि मौके पर कांवड़ियों ने ही शिकायत की थी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कछला घाट पर यह खेल नया नहीं है। पहले भी मीडिया में खबरें आने के बाद वसूली बंद हुई थी, लेकिन मेला शुरू होते ही फिर चालू हो गई।

लोगों का सवाल है – कांवड़ मेला शुरू हुए 20 दिन हो गए। क्षेत्र में सीसीटीवी लगे हैं, अन्य जनपदों की पुलिस तैनात है। डीएम-एसएसपी रोज दो बार दौरा कर रहे हैं। इसके बाद भी अवैध वसूली कैसे चल रही थी?

अगर कांवड़ियों ने शिकायत न की होती तो शायद कार्रवाई भी न होती, एक दुकानदार ने कहा।

कोतवाली पुलिस का कहना है कि मेले के दौरान किसी भी श्रद्धालु से जबरन वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

फिलहाल सवाल वही है – प्रशासन की मौजूदगी में पनप रहा यह अवैध कारोबार आखिर कब पूरी तरह रुकेगा ? क्या नगर पंचायत की मिलीभगत की भी जांच होगी?

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