राजकीय महिला महाविद्यालय, बदायूं में चल रहे पांच दिवसीय रेंजर्स जगदम्बा इकाई शिविर के पांचवे दिवस का प्रारंभ प्राचार्य डॉ वंदना की अध्यक्षता में मुख्य अतिथि नेहरू मेमोरियल शिवनारायण दास पीजी कॉलेज से आये प्रो० मनवीर सिंह द्वारा ध्वजारोहणकर और प्रार्थना गाकर और झंडा गीत गाकर किया गया। सभी रेंजर्स द्वारा स्काउट गाइड प्रतिज्ञा ली गयी। प्रो० मनवीर सिंह ने कहा की “शिक्षा का उदेश्य सिर्फ शैक्षणिक नहीं है परन्तु सर्वांगीण विकास करना है, रेंजर्स में भावात्मक जुड़ाव होता है, नेतृत्व का विकास होता है, परस्पर सहयोग की भावना का विकास होता, ईमानदारी का भाव विकसित होता है, देश के प्रति, माता पिता के प्रति, गुरुओं के प्रति, समाज के प्रति और पर्यावरण के प्रति सेवा भाव का विकास एक रेंजर्स का मुख्य कर्तव्य है”। इसके पश्चात भारत स्काउट एंड गाइड के जिला संघठन आयुक्त श्री मोहम्मद असरार और पूर्वे जिला प्रशिक्षण आयुक्त श्री संजीव शर्मा के प्रशिक्षण में सभी टोलिओं द्वारा तम्बू निर्माण किया गया। महाविद्यालय स्तर पर आठ टोलिओं ने बहुत ही सुन्दर तम्बुओं का निर्माण किया, मुख्यतः आठ टोलियां इस प्रकार थी चमेली टोली, गेंदा टोली, सूरजमुखी टोली, गुलाब टोली, कमल टोली, मोगरा टोली, अपराजिता टोली और मधुमालती टोली। टोलिओं ने सुन्दर गेट के साथ साथ मंदिर, स्नानघर, रसोई आदि के निर्माण भी किया। टोली निर्माण प्रतियोगिता का निर्णय नेहरू मेमोरियल शिवनारायण दास पीजी कॉलेज से आये प्रो० मनवीर सिंह, राजकीय महाविद्यालय से आयी डॉ बबिता यादव, होप यूनिटी फाउंडेशन की निदेशक डॉ कृष्णा सिंह द्वारा किया गया। डॉ बबिता ने सभी रेंजर्स को प्रोत्साहित करते हुए कहा की हार जीत एक सिक्के के दो पहलु हैं अतः जो भी हारे हैं वह निराश न हो क्यूंकि हर हार के पीछे एक नयी शुरुआत छुपी होती है। निर्यणायक मंडल के निर्णय के अनुसार कमल टोली विजेता घोषित हुई, दूसरे और तीसरे स्थान पर क्रमशः मोगरा और अपराजिता टोली रही। विजेतााओं को वार्षिक समारोह के अंतर्गत पुरस्कार प्रदान किये जायेंगे। इसी क्रम में निपुण रेंजर्स का दीक्षा संस्कार समारोह जिले की रेंजर्स लीडर और महाविद्यालय की रेंजर्स अधिकारी सरिता गौतम और श्री असरार द्वारा संपन्न कराया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय में डॉ अर्चना पांडेय, डॉ सतीश कुमार, डॉ ब्रजेश कुमार, डॉ ऋषभ भारद्वाज, श्री रोहित कुमार श्रीमती अफसाना खातून और श्री राजीव पाली मौजूद रहे। समस्त महाविद्यालय परिवार का सहयोग प्राप्त हुआ।




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