Jaya
जैसे आपके शरीर मे रोग प्रतिरोधक क्षमता होती है, जो शरीर के घाव को भरने मे सहायक होती है। वैसे ही मन भी यदि दुर्बल हुआ तो प्रतिरोधक शक्ति अपनी खोता जायेगा, और आप अधिक और अधिक विचारों से घिरते हुए अपने द्वारा कल के हुए घृणित कर्म को लेकर बीमार होते रहेंगे, बिना स्वस्थ हुए। आपके आपको श्रापित ना होने दें, जीवन खिलने का नाम है, खिलते रहिये… होश साधीये और होश यदि आ गया तो समझेंगे एवं पाएंगे कि इस क्षण आप किसी प्रकार के भी घृणित कार्य का हिस्सा न हो सकेंगे। जो हुआ उसका ज्ञान होना अति आवश्यक है, आपके कल्याण हेतु
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