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काफी लम्बे समय से पुलिस की शह पर नगर में चल रहे सट्टे पर नहीं हुई कोई कार्रवाई।
उझानी बदांयू 3 नवंबर।
नगर में काफी लम्बे समय बाद नऐ इंस्पेक्टर की आमद के बाद कोतवाली पुलिस को सटोरियों की सुध आई। बीते दिवस मोबाइल,58 सो नकदी के साथ तीन को दबोच लिया गया।
ज्ञात रहे नगर में काफी समय से गली चोराहों पर खुलेआम सट्टे की खाईबाडी के एजेंट लगे हैं। क्रिकेट का सट्टा हो या दिशावर,गली हर तरह के सट्टे को एजेन्ट कुछ मोबाइल से तो कुछ हाथों हाथ ले रहे हैं।
तत्कालीन इंस्पेक्टर मनोज कुमार सिंह के तीन वर्ष के कार्यकाल से सट्टे के कारोबारियों ने जमकर लोगों का दोहन किया वहीं नीरज कुमार मलिक ने भी सटोरियों पर कभी निगाह टेड़ी नहीं की। सटोरियों का धंधा कोतवाली पुलिस की अनदेखी के चलते बदस्तूर चलता रहा। यहां तक कि आईजी, डीआईजी तक अवैध सट्टे की शिकायतें की गई,मगर पुलिस ने अधिकारियों को भी अपनी रिपोर्ट से गुमराह कर दिया, इससे लगता है पुलिस के संरक्षण में ही सटोरियों का धंधा फलता फूलता रहा।
नऐ कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह ने आते ही सटोरियों पर लगाम लगाने की कार्रवाई को अधीनस्थों के पेच कसे परिणाम आना निश्चित था। सबइंस्पेक्टर जुगमेन्द्र बालियान ने कृषि उत्पादन मंडी के यात्री शेड से मोबाइल से सट्टे की खाईबाडी करते मोहल्ला नझियाई के पूरन कश्यप, संजीव व गोतम पुरी के शिवम् कुमार को दबोच लिया।
पुलिस को इनके पास से तीन मोबाइल,58 सो रूपये की नकदी बरामद की है।
सूत्र बताते हैं कि पकड़े गये सटोरियों ने नगर में सट्टा कर रहे अन्य लोगों के भी नाम बताएं है, वही मोबाइल से कैसे सट्टा लिया जाता है इस बारे में भी पुलिस को जानकारी दी। लगता है कोतवाली पुलिस जल्द ही नगर में अमर बैल की तरह फेले सट्टे के कारोबार का भंडाफोड़ कर सकती है ?।
राजेश वार्ष्णेय एमके।
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