

उझानी बदांयू 31 अगस्त।
यूपी में महिला आयोग ने ई-रिक्शा में महिलाओं से छेड़छाड़ की घटनाओं पर बड़ा फैसला लिया है। रिक्शा चालकों के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं।
आदेश के तहत अब मोबाइल नंबर के साथ लिखना होगा चालक का नाम सभी 75 जिलों में होगा लागू।
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने महिलाओं के साथ ई-रिक्शा में हो रही छेड़छाड़ की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए अहम कदम उठाया है। आयोग ने निर्देश दिया है कि अब हर ई-रिक्शा पर चालक का नाम और मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए।
महिला आयोग की अध्यक्ष ने बाराबंकी में अफसरों के साथ बैठक कर यह निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस मामले को लेकर गंभीर हैं। बैठक में आयोग ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई अहम बिंदुओं पर चर्चा की।


इसके साथ ही आयोग ने हेल्पलाइन 1090 और 181 की कार्यप्रणाली की समीक्षा कराने का आश्वासन दिया, ताकि पीड़ित महिलाओं को तुरंत सहायता मिल सके।
महिला आयोग की अध्यक्ष ने सभी थानों में महिला डेस्क को और मजबूत करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इन कदमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महिलाएं बिना किसी डर के अपनी शिकायत दर्ज करा सकें और उन्हें त्वरित न्याय मिले।
आपको बता दें कि इसके पहले भी उत्तर प्रदेश ट्रैफिक पुलिस ने ऑटो टेंपो और ई रिक्शा में ड्राइवर का नाम उसका मोबाइल नंबर मालिक का नाम समेत अन्य जानकारियां शीशे पर आगे लिखने का एक अभियान चलाया था । जिसमें कई गाड़ियों पर इसका पालन भी हुआ, हालांकि बीच में फिर शिथिलता बरती गई है।
अब एक बार वापस से महिला आयोग के अध्यक्ष के इस फैसले के बाद इस मामले में तेजी देखने को मिल सकती है और आने वाले दिनों में तमाम ई रिक्शा और ऑटो रिक्शा के शीशे पर उनके ड्राइवर का नाम मोबाइल नंबर समेत अन्य जानकारियां सार्वजनिक तौर पर लिखी रहेंगी।
फिलहाल महिला आयोग की अध्यक्ष की तरफ से यह फैसला महिलाओं की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है इससे काफी हद तक घटनाओं में कमी आने की संभावना है वहीं उनका यह कदम महिलाओं के प्रति सराहनीय है।
राजेश वार्ष्णेय एमके।

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