उझानी बदांयू 5 अगस्त।
नगर पालिका के नाले का पानी अब नरऊ के एक दर्जन से ज्यादा किसानों की सडक किनारे की जमीनों को निगलने लगा है,दो दिनों की बारिश के बाद खेत अब तालाब में तब्दील हो गये है। नरऊ के किसान चिंतित हैं कि पहले तालाब में समां चुके खेत अब हाइवे बनने से रास्ता खो चुके गंदे नाले का पानी, बचे-खुचे खेत भी प्रसाशन की अनदेखी के चलते खेती करने लायक नहीं बचेंगे।
नरऊ के किसान बीरेंद्र सोलंकी, राजपाल सिंह, राघवेन्द्र,कमल प्रताप, शैलेन्द्र सोलंकी, लोकेन्द्रसिंह,सूरजपाल मोर्य, विद्या राम,व बलवीर सिंह ने बताया कि उनकी जमीनें कादरचौक मार्ग व नरऊ जाने वाली सडक के किनारे है, नगर पालिका का एक माह से ज्यादा समय से गंदे नाले का पानी हाइवे बनने के चलते मिट्टी पड़ने व ग्रामीणों के अनशन के चलते नरऊ के तालाब में जाने से अवरूद्ध है।
पहले से ही कई किसानों की मक्का की फसल सडक किनारे के खेतों में पानी जाने से बर्बाद हो चुकी है अब दो दिनों की भीषण बारिश से उझानी शहर के पानी ने नाले के किनारे वाले खेतों की ओर रुख कर लिया है।
खेत तालाब में तब्दील हो गये है सभी किसानों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पहले ही हमलोगों की काफी जमीन तालाब में समां चुकी है,इस बची-खुची जमीन को भी नाले का पानी बर्बाद कर देगा। समय रहते इस नाले की समस्या का समाधान कराने की कृपा करें। भैसोर नदी की ओर पानी को डायवर्ट करवाने को नगरपालिका को आदेशित करें। जिससे हम लोगों के खेत गंदे पानी से बर्बाद ना हो।
राजेश वार्ष्णेय एमके




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