उझानी बदांयू 2 जुलाई।
इन दिनों बस की छतों पर धड़ल्ले से सामान ढोया जा रहा है। ऐसा कर परिवहन नियमों की अनदेखी तो की ही जा रही है, साथ ही सरकार को राजस्व का भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इसके बावजूद, भी जिम्मेदारों का इस ओर ध्यान नहीं इसे आशीर्वाद कहे या लापरवाही।
खासतौर पर दिल्ली, आगरा , अलीगढ़, बरेली सहित अन्य शहरों की ओर दौड़ने वाली प्राइवेट बसों पर सामान ढोया जा रहा है। बिना परमिट के बसें भी धड़ल्ले से दौड रही है।कारोबारियाें से इस सामान का प्रति बैग, डब्बा व बोरी के हिसाब से भाड़ा वसूला जा रहा है। जांच होने पर दो-चार दिनों के लिए सामान ढोना बंद कर दिया जाता है। इसके बाद एक बार फिर पुरानी स्थिति बहाल हो जाती है।
जबकि, नियमानुसार इस माल का मालवाहक वाहनों के जरिये परिहवन किया जाना चाहिए, जिससे सरकार को भी राजस्व की प्राप्ति हो, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अनदेखी के चलते माल लादकर बसें धड़ल्ले से बीच सड़क से गुजर जाती हैं।—–
राजेश वार्ष्णेय एमके।
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