2:10 am Wednesday , 19 August 2026
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जरूरत है डीपी यादव की जो ढाल बने हर आफत की !

बदायूं की बात – सुशील धींगडा के साथ
पूर्व मंत्री और सांसद रहे डीपी यादव पर विरोधी और अपने बाहुबलि कहकर कुछ आरोप लगाते हों परंतु यह सच है कि बदायूं की राजनीति में आज डीपी जैसे प्रभावशाली राजनेतिक व्यक्तित्व की जरूरत सिर चढकर बोल रही है। विदित रहे कि जब डीपी यादव सहसवान के विधायक थे और पूनम यादव जिला पंचायत अध्यक्ष थी तो डीपी यादव ने रूहेलखंड के मिनीकुंभ कहे जाने वाले मेला ककोडा जाने वाले स्नानार्थियों को जिला पंचायत द्वारा वसूले जाने वाले सुतिया कर से मुक्ति दिलाने का वह काम कराया था जिसको आजादी के बाद से तमाम राजनेतिक असंभव काम कहा करते थे। डीपी यादव का राजनेतिक जीवन समाजवादी पार्टी की सरकार में सुप्रीमों मुलायम सिंह यादव को मुख्यमंत्री बनाने की भूमिका से हुआ और उस सरकार में डीपी यादव आवकारी मंत्री बने थे लेकिन बाद में सपा से उनका ऐसा मन खटटा हुआ कि वह बसपा में शामिल होकर संभल से सांसद और उसके बाद सहसवान से विधायक बने थे। राजनेतिक सूत्रों के अनुसार डीपी यादव बाद में भाजपा में शामिल हो गए और संभल संसदीय सीट से भाजपा के उम्मीदवार बने थे लेकिन एक रात के राजनेतिक खेल से प्रदेश में होने वाले सत्ता परिवर्तन डीपी यादव की संसद में जाने की राह में रोढा बन गई। आज डीपी यादव के परिवार के पूर्व एमएलसी भारत सिंह यादव और जितेंद्र यादव भाजपा में है। पूर्व एमएलसी जितेंद्र यादव की पत्नी वर्षा यादव जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। पूर्व एमएलसी भारत सिंह यादव की पत्नी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम यादव वर्तमान में जिला पंचायत सदस्य हैं। जिजेंद्र यादव के भाई विक्रंात सिंह यादव ब्लाक प्रमुख हैं लेकिन डीपी यादव से भाजपा दूरी बनाकर चल रही है जबकि सत्य बात यह है कि बदायूं की सहसवान विधानसभा और संभल लोकसभा सीट पर बिना डीपी यादव के भाजपा कमजोर प्रतीत हो रही है। इस क्षेत्र के भाजपा एवं डीपी यादव के समर्थकें को लगता है कि जिस दिन भाजपा और डीपी यादव के बीच दूरी खत्म हो गई उस दिन यह क्षेत्र भाजपा का अटूट और अभेद किला बनने के साथ सपा मुक्त हो जाएगा पर वह दिन कब आएगा इसका इंतजार करना उनकी मजबूरी बनी हुई है।

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