उझानी लेखपाल का अटैचमेंट बना चर्चा का विषय, भाजपा कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर खोला मोर्चा।
उझानी, बदायूं 6 सितंबर ।
तहसील बदांयू के कस्बा उझानी में तैनात लेखपाल ओमेंद्र शाक्य का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। आरोप है कि लेखपाल लंबे समय से एक ही स्थान पर टिके हुए हैं। उनका स्थानांतरण जहाँ भी होता है, वह अटैच होकर फिर से उझानी में ही बने रहते हैं। इसी को लेकर अब भारतीय जनता पार्टी से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
भाजपा कार्यकर्ता धर्मेन्द्र सिसोदिया की फेसबुक पोस्ट के बाद यह विवाद सुर्खियों में आ गया है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा है कि “भ्रष्टाचारी उझानी लेखपाल की जल्द ही होगी संपत्ति की जाँच। अब तक के इतिहास की सबसे अकूत संपत्ति की इकट्ठी..” इस पोस्ट पर 73 लाइक और 42 टिप्पणियाँ आ चुकी हैं। लोग खुलकर अपनी नाराजगी जता रहे हैं।
एक अन्य पोस्ट में धर्मेन्द्र सिसोदिया ने लिखा है कि लेखपाल उझानी किसी भी भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी का फोन उठाने को तैयार नहीं हैं, न ही उनका काम करने को तैयार हैं। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों से इस मामले को गंभीरता से लेने की अपील की है और कहा है कि नहीं तो 2027 में क्या होगा, यह भगवान ही मालिक है।
टिप्पणी बॉक्स में फूटा गुस्सा-
इस पोस्ट के टिप्पणी बॉक्स में लोगों का गुस्सा साफ दिखाई दे रहा है।
भाजपा कार्यकर्ता मोहित राज शर्मा ने लिखा है कि उनकी जमीन का दाखिल-खारिज का आदेश इसी लेखपाल ने किया था, इसके बावजूद माननीय के तीन बार फोन करने पर भी यह व्यक्ति एक बार भी उनसे नहीं मिला और पैसे लेकर कासगंज जनपद के कुछ विपक्षी लोगों को उनकी जमीन पर कब्जा कराने का प्रयास करने लगा, जिसके लिए उन्हें न्यायालय जाना पड़ा।
वहीं शंकर रुद्र गुप्ता ने टिप्पणी की है कि यह बहुत बड़ा लुटेरा है, इसे छोटे से छोटे काम के भी रुपये चाहिए। एक अन्य टिप्पणी में धर्मेन्द्र सिसोदिया ने आरोप लगाया है कि लेखपाल ने उनसे पाँच हजार रुपये लिए हैं।
किशन शर्मा ने लेखपाल के नाम पर चुटकी लेते हुए लिखा है कि लेखपाल का फुल फॉर्म जनता की जुबानी – ले- लेकर ही आएगा, चाहे कागज हो या जेब से कुछ।
अनिल ठाकुर ने आरोप लगाया है कि इसने गुठाइन तालाब को पूरा पटवा दिया, अमृत सरोवर का नामोनिशान भी मिटा दिया, साथ-गांठ नेता मंडली से करके सब हड़प गया।
इन सभी टिप्पणियों में कार्यकर्ताओं ने भाजपा के ब्रजक्षेत्र अध्यक्ष पूरन लाल लोधी, विधायक हरीश शाक्य और जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता को टैग कर मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
सूत्र बताते हैं कि लेखपाल 7 साल से उझानी में ही टिके हुए हैं। इस बारे में लेखपाल ओमेन्द्र शाक्य का पक्ष जानने का प्रयास किया लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। बीडीएन इंडिया वायरल पोस्ट की पुष्टि नहीं करता,जो दिखा वह लिखा…
राजेश वार्ष्णेय एमके।
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