बदायूँ में अज़ादारी के सवा दो महीने बाद मना ‘ईद-ए-ज़हरा’ का जश्न, खुशरंग लिबास पहन लोगों ने बांटी मिठाइयां
बदायूँ:
रबी-उल-अव्वल महीने की नौ तारीख को बदायूँ के शिया समुदाय ने अकीदत और उत्साह के साथ ‘ईद-ए-ज़हरा’ का त्योहार मनाया। मुहर्रम और सफर के सवा दो महीने लंबे गमी और अज़ादारी के दौर के समापन पर लोगों ने शोक के प्रतीक काले लिबास उतारकर रंग-बिरंगे कपड़े पहने। घरों और अजाखानों से काले परचम हटाकर खुशियों के झंडे लगाए गए और शिया बाहुल्य इलाकों में शानदार चिरागां किया गया। महिलाओं ने शृंगार किया और घरों में तरह-तरह के मीठे पकवान व मिठाइयां तैयार की गईं। अकीदतमंदों ने नज्र-ओ-नियाज का आयोजन कर मुल्क में अमन-चैन और तरक्की की दुआएं मांगीं तथा एक-दूसरे के घर जाकर ईद-ए-ज़हरा की मुबारकबाद दी।
रात के समय जनाब सय्यद फहीम हैदर की जानिब से इमामबाड़ा मुत्तक़ीन में हर साल की तरह इस साल भी ‘जश्न-ए-ईद-ए-ज़हरा’ का भव्य आयोजन किया गया, जिसकी निजामत जनाब ग़ुलाम अब्बास ने अंजाम दी। इस महफिल में बच्चों और बुजुर्गों ने अहलेबैत की शान में मनकबत और अशआर पेश किए। शिक्षा और सामाजिक खिदमत को बढ़ावा देने के मकसद से जनाब सय्यद फहीम हैदर ने कौम की प्रतिभाओं को तोहफों से नवाजा।
इस अवसर पर राजकीय मेडिकल कॉलेज से MBBS मुकम्मल करने वाले ग्राम बुकनाल सादत (संभल) निवासी जनाब सय्यद नवेद नक़वी, लखनऊ यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई पूरी करने वाले शीराज़ रिजवी और 10वीं की परीक्षा 75 प्रतिशत अंकों से पास करने वाले फ़ाज़िल अहमद ज़ैदी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। साथ ही समाज की उच्च स्तरीय खिदमत के लिए कैफ़ी ज़ैदी को दुआओं और तोहफों से नवाज़ा गया।
समारोह के सदारत ने जनाब अनवर आलम ने ईद-ए-ज़हरा के महत्व पर रोशनी डालते हुए बच्चों को उच्च शिक्षा हासिल करने और देश व कौम की सेवा करने की नसीहत दी। कार्यक्रम में जाबिर ज़ैदी, डॉ. अमीर हसन, डॉ. ऐहसान रज़ा, जावेद अब्बास, डॉ. आमिर अब्बास, जर्रार हैदर, इक़रार ज़ैदी और इसरार ज़ैदी, ज़ैनुल इबा ज़ैदी, मिन्हाल, जुनैद समेत बड़ी संख्या में शिया समुदाय के लोगों ने शिरकत की।
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