बदायूं
बदायूं में टूटी सड़कों और डिवाइडरों पर डीएम सख्त, नगर पालिका में मचा हड़कंप
जिला मुख्यालय बदायूं में बदहाल सड़कों और टूटे पड़े डिवाइडरों को लेकर आखिरकार प्रशासन की नींद टूट गई है। शहर के प्रमुख मार्गों पर लंबे समय से टूटे डिवाइडर और खराब तिरंगा लाइटें हादसों को न्योता दे रही थीं, लेकिन नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे रहे। मामला जब जिलाधिकारी अवनीश राय तक पहुंचा तो उन्होंने नगर पालिका अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। डीएम की फटकार के बाद पालिका प्रशासन हरकत में आया और आनन-फानन में डिवाइडरों की मरम्मत शुरू करा दी गई।
शहर के लावेला चौक से कचहरी और जिला अस्पताल मार्ग तक जगह-जगह डिवाइडर टूटे पड़े थे। हालत यह थी कि कई स्थानों पर डिवाइडर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके थे, जिससे आए दिन वाहन चालक हादसों का शिकार हो रहे थे। कई लोग घायल भी हो चुके हैं। इसके बावजूद नगर पालिका की ओर से लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
डीएम की नाराजगी के बाद ईओ विनय कुमार मणि त्रिपाठी ने निर्माण कार्य शुरू कराया। जिला महिला अस्पताल के बाहर मंदिर के सामने टूटे डिवाइडर को दुरुस्त कर दिया गया है। महिला अस्पताल तिराहा और आंबेडकर पार्क के पास भी डिवाइडरों का निर्माण कराया गया है। पूरे मार्ग पर मरम्मत कार्य तेजी से जारी है। साथ ही खराब पड़ी तिरंगा लाइटों को भी ठीक कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन पहले ही गंभीरता दिखाता तो कई हादसे टाले जा सकते थे। लोगों ने नगर पालिका की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अफसरों की लापरवाही के कारण आम जनता को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा था।
वहीं शहर के पुलिस लाइन चौराहा से ओवरब्रिज मार्ग तक भी हालात बेहद खराब हैं। बीएसए और डीआईओएस कार्यालय के बाहर डिवाइडर पूरी तरह टूटे पड़े हैं। यहां सुरक्षा के नाम पर केवल लोहे के बैरियर लगाए गए हैं, लेकिन वाहन चालक इधर-उधर से निकलते हैं और हादसों का खतरा बना रहता है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों की नजर अब तक इस मार्ग पर नहीं पड़ी है।
अब देखना होगा कि डीएम की सख्ती के बाद नगर पालिका शहर की बाकी बदहाल व्यवस्थाओं को कब तक दुरुस्त कर पाती है, या फिर कार्रवाई केवल कुछ दिनों की खानापूर्ति बनकर रह जाएगी।
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