8:27 pm Sunday , 16 August 2026
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बिसौली। 8 साल पुरानी पहचान का फायदा उठाकर रची चोरी की साजिश

बिसौली। 8 साल पुरानी पहचान का फायदा उठाकर रची चोरी की साजिश, व्हाट्सएप पर घर के फोटो मंगाकर उड़ाए नकदी-जेवर
बिसौली (बदायूं) नगर के खाटूश्याम कॉलोनी में हुई चोरी की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने महज 36 घंटे में खुलासा कर दिया। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी कोई अजनबी नहीं, बल्कि पीड़ित का पुराना परिचित निकला। आठ साल बाद दोबारा संपर्क में आए युवक ने पहले विश्वास जीता, फिर घर की रेकी कर लाखों की चोरी को अंजाम दे डाला।
खाटूश्याम कॉलोनी निवासी विपिन शर्मा का करीब आठ वर्ष पहले रवि कुमार सिंह उर्फ सिट्टू निवासी दवतोरी से परिचय था। समय बीतने के बाद दोनों का संपर्क फिर शुरू हुआ। पुलिस जांच में सामने आया कि रवि फाइनेंस का काम करता था और उसने इसी पहचान का फायदा उठाकर चोरी की पूरी साजिश रची।
वारदात से करीब पांच दिन पहले रवि ने किसी काम और विजिट का बहाना बनाकर विपिन शर्मा से उनके घर की तस्वीरें व्हाट्सएप पर मंगवाईं। पुलिस का मानना है कि आरोपी ने इन्हीं तस्वीरों के जरिए घर की बनावट, प्रवेश मार्ग और अलमारी की स्थिति का अंदाजा लगाया।
9 जून को जब विपिन शर्मा अपनी पत्नी के साथ वजीरगंज जाने के लिए घर से निकले, तभी रवि का फोन आया। उसने परिवार में बीमारी का हवाला देकर तत्काल 10 हजार रुपये उधार मांगे। बातचीत के दौरान उसे यह भी पता चल गया कि घर खाली है और परिवार कुछ घंटों बाद लौटेगा। विपिन ने उसके खाते में ऑनलाइन रकम भेज दी। इसके बाद आरोपी ने मौके का फायदा उठाते हुए घर पहुंचकर वारदात को अंजाम दे दिया।
आरोपी ने घर का गेट और अलमारी का लॉकर तोड़कर नकदी व आभूषण चोरी कर लिए। जब विपिन शर्मा वापस लौटे तो गेट का ताला टूटा मिला और घर का सामान बिखरा पड़ा था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
एसएसपी अंकिता शर्मा के निर्देशन में गठित पुलिस टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। पुलिस ने रवि कुमार सिंह उर्फ सिट्टू को ग्राम खजुरिया के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से चोरी के 1 लाख 90 हजार 400 रुपये, एक जोड़ी कड़े, एक जोड़ी पायल तथा तीन सफेद धातु के सिक्के बरामद किए गए।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि चोरी की रकम में से करीब 20 हजार रुपये खर्च कर चुका है तथा कुछ धनराशि अपने खाते में जमा की थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बाकी रकम और अन्य आभूषण कहां हैं तथा क्या चोरी के माल को किसी अन्य व्यक्ति तक पहुंचाया गया। मामले की विवेचना जारी है।
इस खुलासे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर दोस्ती और भरोसे की आड़ में रची गई इस साजिश में क्या कोई और भी शामिल था? पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों, कॉल डिटेल और आर्थिक लेन-देन की गहन पड़ताल कर रही है। संभावना है कि जांच में इस चोरी से जुड़े और भी राज सामने आ सकते हैं।

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