🕉️*आज का पंचांग व संकल्प*🕉️ 🚩 *वैशाख – शुक्ल – द्वितीया २०८३* 🚩 🏵️ *1 9 * *अप्रैल* *2026* 🏵️~~~~~~~~~~~~~~~ दिन —– *रविवार* तिथि – *द्वितीया* नक्षत्र — *भरणी* पक्ष —— *शुक्ल* माह– — *बैशाख* ऋतु — *बसंत* सूर्य —- *उत्तरायण *उत्तर* गोल विक्रम सम्वत — 2083 दयानन्दाब्द — 202 …
Read More »आज का राशिफल —— ज्योतिषाचार्य राजेश कुमार शर्मा
भगवानपरशुराम प्रकटोंत्सव आज अक्षय तृतीया आज आज का राशिफल सुप्रभातम दिनांक 19 अप्रैल 2026 दिवस रविवार विक्रम संवत 2083 मेष राशि अपना आत्म संयम बनाए रखें अच्छा रहेगा व्यवसाय में लाभ के योग बन रहे हैं घर में शांति बनी रहेगी। शुभ अंक 4 शुभ रंग लेमन वृषभ राशि मन …
Read More »आज का पंचांग —— ज्योतिषाचार्य राजेश कुमार शर्मा
भगवानपरशुराम प्रकटोंत्सव आज अक्षय तृतीया आज आज का पंचांग सुप्रभातम दिनांक 19 अप्रैल 2026 दिवस रविवार विक्रम संवत 2083 शक संवत 1948 मास वैशाख पक्ष शुक्ल तिथि द्वितीया प्रातः 10:52 तक उपरांत तृतीया नक्षत्र भरणी नक्षत्र प्रातः 07:10 तक उपरांत कृतिका नक्षत्र करण कौलव करण प्रातः 10:52 तक उपरांत तैतिल …
Read More »प्रकृति हमें सिखा रही- सुनीता पाण्डेय
सुनीता पाण्डेय ‘सुरभि’🪈🦚🪷🪄🕉️ “प्रकृति हमें सिखा रही है, परिस्थितियांँ कैसी भी हों, हमें ईश्वर पर विश्वास रखकर सदैव कर्मरत रहना चाहिए।” मन में अपने ठान लो, बढ़ो प्रकाश की ओर। कर्म सदा करते रहो, हो नित- नूतन भोर।। – सुनीता पाण्डेय ‘सुरभि’ सुप्रभात
Read More »मैं ही क्यूं- Gunjan Agrawal
Gunjan Agrawal मैं ही क्यूं हर बार तेरी आंखों की दीद बनूं.. क्या तुझे इल्म नहीं कि तू भी मेरी चाहतों की ईद है..!!!
Read More »हर रास्ता – Rinku Sharma
Rinku Sharma #हर रास्ता एक #सफर चाहता #है..! हर #मुसाफिर एक #हमसफर #चाहता है.. जैसे #चाहती है #चांदनी #चाँद को.. ये #दिल भी #तुम्हें इस #कदर #चाहता है..💕 शुभ रात्रि वंदन ✨ X मेट्स परिवार 💕 दोस्तों 🤗
Read More »भगवान_परशुराम_जन्मोत्सव एवं अक्षय_तृतीया की हार्दिक_शुभकामनाएं
Rinku Sharma #भगवान_परशुराम_जन्मोत्सव एवं #अक्षय_तृतीया की #हार्दिक_शुभकामनाएं 🙏🌹 X मेट्स परिवार 💕 दोस्तों आप सब का दिन मंगलमय हो 🙏
Read More »जरूरी – Pushpa
Pushpa जीने के लिए जितना जरूरी ऑक्सीजन है उतना ही जरूरी पैसा भी है क्या इस बात पे आप लोग मेरी बात से सहमत हो ?
Read More »चली हूँ- Ravina Mishra
Ravina Mishra बीमार दिल को सुलाने चली हूँ यादों की बस्ती बसाने चली हूँ यहाँ उठ रही हैं हृदय में हिलोरें वहाँ कर रही होंगी यादें किलोरें यादों से घायल दिल सुलाने चली हूँ बीमार दिल को सुलाने चली हूँ। यहाँ देखती हूँ दुनिया है भोली सूरत निराली,है कोकिल सी …
Read More »साहसी- Kshama
Kshama साहसी पुरुष ‘प्रेम करते हैं, साहसी स्त्रियाँ स्थिर रहती हैं, स्थिर रहना प्रेम करने से ज्यादा श्रेष्ठ हैं…
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