त्योहारों में मिठाई बनी मीठा जहर? चांदी के वर्क के नाम पर खिलाया जा रहा एल्युमीनियम।
दीपावली पर मिठाई खरीदने से पहले जरूर बरतें ये सावधानी, एक छोटी सी चूक पड़ सकती है पूरे परिवार की सेहत पर भारी।
उझानी बदायूं 27 अक्टूबर ।
दीपावली, धनतेरस और भैयादूज का त्योहार नजदीक है और बाजार मिठाइयों से सज चुके हैं। काजू कतली, बर्फी और लड्डुओं पर लगा चमकदार चांदी का वर्क ग्राहकों को अपनी ओर खींच रहा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही चमक आपके परिवार के लिए ‘मीठा जहर’ बन सकती है? खाद्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक त्योहारों की भीड़ का फायदा उठाकर कई दुकानदार चांदी के वर्क के नाम पर एल्युमीनियम का वर्क लगाकर बेच रहे हैं, जो लीवर, किडनी और आंतों के लिए बेहद खतरनाक है।
मिठाई खरीदने से पहले अगर आप 2 मिनट की यह जांच कर लेंगे तो आपका परिवार इस जहर से बच सकता है।
उंगली से रगड़ कर देखें – असली चांदी का सबसे आसान टेस्ट,
मिठाई पर लगे वर्क को अपनी उंगली से हल्का सा रगड़ें।
अगर असली चांदी है: तो वर्क आसानी से टूटकर पाउडर की तरह आपकी उंगली पर चिपक जाएगा और कुछ देर में गायब हो जाएगा।
अगर एल्युमीनियम है तो वह आसानी से नहीं टूटेगा, खिंचेगा और उंगली पर खुरदरा, कागज जैसा महसूस होगा।
आग वाला टेस्ट 100% पक्की पहचान-
वर्क का एक छोटा सा टुकड़ा निकालकर उसे जलाएं।
असली चांदी आग लगते ही सिकुड़कर एक छोटी सी चमकदार बॉल बन जाएगी।
नकली एल्युमीनियम सिकुड़ेगा नहीं, बल्कि काला पड़कर राख जैसा जलने लगेगा और बदबू आएगी।



बहुत ज्यादा चमकदार और एकदम नई जैसी सफेद मिठाई से बचें।
हमेशा बिल लेकर ही मिठाई लें, जिस पर दुकान का नाम हो।
रंग-बिरंगी मिठाइयों से परहेज करें, उनमें मिलावटी रंग हो सकता है।
कोशिश करें कि प्रतिष्ठित और जानी-पहचानी दुकान से ही खरीदारी करें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि एल्युमीनियम वाला वर्क लंबे समय तक खाने से पेट की गंभीर बीमारियां, अल्जाइमर तक का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए इस बार मिठास के साथ समझदारी भी घर लाएं। जरा सी सावधानी आपके त्योहार की खुशियों को दोगुना कर देगी।
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