उझानी (बदायूं) 25 अक्टूबर ।
शरद पूर्णिमा का पावन पर्व इस बार आज रविवार को पूरे श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर उझानी सहित पूरे क्षेत्र में घरों और मंदिरों में मां लक्ष्मी व भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। रात में खीर बनाकर चांदनी में रखने की सदियों पुरानी परंपरा भी निभाई जाएगी।
इस संबंध में उझानी के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित प्रवीण शर्मा ने विस्तार से जानकारी दी।
ज्योतिषाचार्य प्रवीण शर्मा के अनुसार पूर्णिमा तिथि 25 अक्टूबर को सुबह 11:55 बजे शुरू होकर 26 अक्टूबर को सुबह 9:41 बजे तक रहेगी। चंद्रोदय शाम 4:47 बजे होगा। शाम 7:22 बजे तक रेवती नक्षत्र रहेगा, इसके बाद अश्विनी नक्षत्र लग जाएगा। पूर्णिमा पर हर्षण योग के बाद वज्र योग रहेगा।
ज्योतिषाचार्य प्रवीण शर्मा ने बताया कि शरद पूर्णिमा को कौमुदी पूर्णिमा, कोजागरी पूर्णिमा और रास पूर्णिमा भी कहा जाता है।
पौराणिक मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने इसी रात गोपियों के साथ महारास रचाया था। वहीं, समुद्र मंथन से मां लक्ष्मी के प्रकट होने की मान्यता के चलते इस दिन लक्ष्मी पूजन का विशेष महत्व है। इस दिन मां लक्ष्मी की आराधना करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
मान्यता है कि पूर्णिमा की रात चंद्रमा की किरणों में अमृततुल्य गुण होते हैं। इसी विश्वास के चलते श्रद्धालु रातभर खीर को चांदनी में रखकर अगले दिन प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। कहा जाता है कि इस खीर का सेवन करने से आरोग्य और समृद्धि मिलती है।
राजेश वार्ष्णेय एमके




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