जिले में 28 में से दो गोदाम सील, बदायूं वाला खुल गया, उझानी के पारसमणी की सील अब भी बरकरार।
उझानी में तीन लाइसेंसधारियों में से एक पर ही कार्रवाई, डीएम के आदेश के बाद भी दो की नहीं हुई जांच।
उझानी बदायूं 23 अक्टूबर।

पटाखा गोदामों पर प्रशासन की कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई है। जिले भर में कुल 28 पटाखा लाइसेंस हैं, जिसमें अकेले उझानी में तीन लाइसेंसधारी हैं। पिछले माह प्रशासन ने जिले में दो गोदामों को सील किया था – एक बदायूं शहर का और दूसरा उझानी के गंजशहीदा निवासी पारसमणी वार्ष्णेय का।
चर्चा है कि बदायूं वाले गोदाम की सील प्रशासन ने खोल दी है, लेकिन उझानी के पारसमणी का गोदाम आज भी सील पड़ा है और कारोबारी गोदाम खुलने की राह देख रहा है।
उझानी में स्थिति और भी चौंकाने वाली है। नगर के तीन लाइसेंसधारियों में से प्रशासन की नजर सिर्फ पारसमणी पर ही है। दो अन्य लाइसेंसधारियों के गोदाम बस्ती से कितनी दूरी पर हैं, वहां आग बुझाने के उपकरण हैं या नहीं, बिक्री के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी जांच तक नहीं की गई। बताते हैं कि दूसरे लाइसेंसधारी का गोदाम भी मानक अनुसार बस्ती से दूर नहीं है। अगर दीपावली सीजन में कोई हादसा हुआ तो प्रशासन के लिए संभालना मुश्किल होगा।
इस पूरे मामले में 23 अक्टूबर को जिलाधिकारी अवनीश राय का आदेश अहम है। डीएम ने सभी नगर मजिस्ट्रेट, एसडीएम, सीओ पुलिस, मुख्य अग्निशमन अधिकारी और थाना प्रभारियों को निर्देश दिया है कि विस्फोटक नियमावली 2008 के नियम-84 और 09 जनवरी 2019 के गजट नोटिफिकेशन का पूर्ण पालन कराया जाए। लाइसेंस देने से पहले स्थलीय निरीक्षण, घनी आबादी से दूर खुले स्थान और अग्नि सुरक्षा मानकों की जांच अनिवार्य है। सभी अधिकारियों को 24 अक्टूबर तक निरीक्षण कर सूची देने और बिना लाइसेंस भंडारण पर कार्रवाई के निर्देश हैं। लापरवाही पर संबंधित अधिकारी खुद जिम्मेदार होगा।
सवाल यही है कि डीएम के इतने सख्त आदेश के बाद भी उझानी में दो अन्य गोदामों की जांच क्यों नहीं हुई और जिले में एक ही तरह की कार्रवाई में दोहरा मापदंड क्यों ?
पारसमणी के यहां दो बर्ष पहले जीएसटी का छापा पिछले साल अग्निशमन विभाग का,पड़ने पर गोदाम सील हुआ था। इस वर्ष 3-4 सितंबर को एसडीएम सदर और सीओ की टीम ने लाइसेंस से अधिक भंडारण का हवाला देकर दीपावली से एक माह पहले ही गोदाम सील कर दिया था। शुक्रवार को एडीएम प्रशासन और एसपी सिटी ने फिर से सील खोलकर स्टॉक चेक किया और दोबारा सील कर दिया।
अब दीपावली नजदीक है। अगर गोदाम नहीं खुला तो लाखों की आतिशबाजी डम्प होने से कारोबारी को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। समय रहते सील खुलती है तो बिक्री शुरू होकर स्टॉक खाली हो सकता है। बहरहाल, बदायूं का गोदाम खुल गया और पारसमणी का नहीं, इससे प्रशासन की नीयत पर सवाल उठना लाजमी है।


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