उझानी के ऐतिहासिक दंगल में बेटियों ने तोड़ी रूढ़िवादिता की बेड़ियां, मिट्टी में लड़ी महिला कुश्ती बनी चर्चा का विषय।
उझानी, बदायूं 22 अक्टूबर ।
परम्परा और रूढ़िवादी सोच को पटकनी देते हुए जब दो महिला पहलवान मिट्टी के अखाड़े में उतरीं तो पूरा एमजीपी कॉलेज मैदान तालियों से गूंज उठा। मौका था श्री रामलीला महोत्सव के तहत आयोजित स्व. रूपराम पहलवान की स्मृति में विशाल दंगल का।
स्वर्गीय पहलवान रूपराम यादव की स्मृति में हो रहे इस तीन दिवसीय ऐतिहासिक दंगल के दूसरे दिन कुश्ती प्रेमियों का जनसैलाब उमड़ा। दूर-दराज से आए नामी पहलवानों ने अपने दांव-पेंच से दर्शकों का मन मोह लिया, लेकिन सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र रही महिला कुश्ती।
अखाड़े में जब मेरठ की नैना पहलवान और बरेली की पुष्पा पहलवान उतरीं तो पहले तो दर्शक हैरान रह गए, फिर जोश में उनका हौसला बढ़ाने लगे। दोनों के बीच करीब 12 मिनट तक कांटे का मुकाबला चला। मिट्टी में लोट-पोट होते हुए दोनों ने एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी। आखिर में बरेली की पुष्पा पहलवान ने अपनी सूझबूझ और ताकत से नैना को चित्त कर दिया और कुश्ती अपने नाम कर ली। जीत के बाद दर्शकों ने खड़े होकर पुष्पा का अभिनंदन किया।
यह सिर्फ एक कुश्ती नहीं थी। यह उस सोच को हराना था जो कहती है कि मिट्टी के अखाड़े सिर्फ पुरुषों के लिए हैं। उम्दा क्वालिटी की यह सोच कि बेटियां भी अब अखाड़े में उतरकर अपना लोहा मनवा सकती हैं, उझानी जैसे कस्बे के लिए बड़ी बात है।
दंगल संयोजक हरवंश यादव पहलवान ने बताया कि दंगल का उद्देश्य स्वर्गीय रूपराम यादव जी की पहलवानी परंपरा को जिंदा रखना और युवाओं को नशे से दूर रखकर खेल से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि महिला कुश्ती को विशेष रूप से इसलिए शामिल किया गया ताकि क्षेत्र की बेटियों को भी प्रोत्साहन मिले।
दंगल प्रेमियों ने कहा कि भगवान बजरंग बली का आशीर्वाद आयोजकों पर सदा बना रहे, जिन्होंने इतने अच्छे पहलवानों को एक मंच पर लाकर उझानी में एक ऐतिहासिक दंगल करवाया।
राजेश वार्ष्णेय एमके




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