प्रज्ञा यज्ञ मंदिर में मनाया गया हिंदी दिवस
हिंदी पर गर्व करना सिखाए बच्चों को :आचार्य संजीवरूप
बिल्सी। प्रज्ञा यज्ञ मंदिर गुधनी में आर्य संस्कारशाला के बच्चों द्वारा हिंदी दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम में बच्चों ने हिंदी भाषा के महत्व और उसकी विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कविताएं प्रस्तुत कीं।
इस अवसर पर कु. उर्वशी आर्य, कु. अनन्या, कु. आस्था एवं कु. राधिका ने सुंदर हिंदी कविताएं प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।
आचार्या तृप्ति आर्य ने कहा कि “हिंदी केवल भाषा नहीं, अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। हिंदी की विशेषता है कि जो बोला जाता है, वही लिखा जाता है और जो लिखा जाता है, वही बोला जाता है। यही इसकी सरलता और वैज्ञानिकता है।”
वैदिक विद्वान आचार्य संजीव रूप ने कहा कि हिंदी हमारी संस्कृति, संस्कार और विचारों को जन-जन तक पहुंचाने वाली सशक्त भाषा है। हिंदी को केवल हिंदी दिवस तक सीमित न रखकर हमें अपने दैनिक व्यवहार में हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग करना चाहिए। बच्चों में हिंदी के प्रति प्रेम और गौरव का भाव जागृत करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के अंत में बच्चों को हिंदी भाषा के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार के लिए प्रेरित किया गया। उपस्थित लोगों ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना की।
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