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उझानी-बदांयू एक्सप्रेस 3 जनवरी।
पड़ोसी राज्यों में मांग कम होने के कारण आलू की बिक्री प्रभावित हो रही है, जिससे मंडी में इसके दाम गिरकर 500 से 600 रुपये क्विंटल तक पहुंच गए हैं। आलू की खेती में लगी लागत न निकल पाने के कारण क्षेत्र के किसान मायूस हैं।
बदांयू जिले के किसान साल में आलू की दो फसलें तैयार करते हैं। मौसम के अनुरूप अगेती फसल की बोआई सितंबर से अक्तूबर में होती है और खोदाई दिसंबर से जनवरी तक हो जाती है।
वहीं पिछेती फसल दिसंबर में बोई जाती है और मार्च, अप्रैल के अंत तक तैयार होती है। इस समय अगेती फसल की खोदाई चल रही है।

इस बार आलू की पंजाब,उत्तराखंड में भी बंपर पैदावार हुई है जिसके चलते वहां भी आलू नहीं भेजा जा रहा है। सहालग ना होने से भी ख़पत कम हो गई है।
उझानी मंडी में आलू का भाव 500 से 600 रूपए क्विंटल है। किसानों के अनुसार एक बीघा में लगभग 30 से 40 क्विंटल आलू निकलता है। वहीं इस फसल को तैयार करने में 25 से 30 हजार रुपये की लागत आती है। लागत से कम दाम मिलने के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
संजय सिंह, राममनोहर शाक्य, सोबरन सिंह यादव रामू यादव, श्याम, रामसिंह जैसे किसानों ने बताया कि आलू की फसल में लागत भी वसूल नहीं हो पा रही है। कच्चा आलू अधिक समय तक रखा नहीं जा सकता, इसलिए किसानों को घाटे में ही फसल बेचनी पड़ रही है।
राजेश वार्ष्णेय एमके
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