कुंवरगांव।
थाना क्षेत्र में नशा सुंघाकर लूट की सनसनीखेज बताई गई घटना उस समय संदिग्ध हो गई, जब कथित पीड़ित ने पुलिस पूछताछ में अपने ही बयान से किनारा कर लिया। बाद में परिजनों ने थाने में लिखित प्रार्थना पत्र देकर किसी भी प्रकार की कार्रवाई न करने की मांग की।
थाना क्षेत्र के गांव कैली निवासी अमित पुत्र पूरन सिंह शनिवार देर शाम से लापता हो गया था। देर रात तक घर न लौटने पर परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थाना पुलिस और परिजन युवक की तलाश में जुट गए, लेकिन रात भर कोई सुराग नहीं मिल सका।
सुबह करीब चार बजे अमित स्वयं घर पहुंचा और परिजनों को बताया कि उसके साथ नशा सुंघाकर लूट की वारदात हुई है। युवक के अनुसार वह आंवला रोड स्थित औरंगाबाद खालसा गंगा एक्सप्रेसवे के पास निर्माणाधीन इंटर कॉलेज में काम करता है और काम समाप्त कर ठेकेदार से रुपये लेकर कुंवरगांव सामान खरीदने आया था।
युवक ने बताया कि कुंवरगांव में अंडे के ठेले पर खड़े होने के दौरान दो अज्ञात युवक उससे मिले और कैली जाने की बात कहने पर उसे मोटरसाइकिल पर बैठा लिया। आरोप है कि रास्ते में पीछे बैठे युवक ने शीशी में रखा कोई नशीला पदार्थ सुंघा दिया, जिससे वह बेहोश हो गया। होश आने पर वह खुद को दुगरैय्या के पास एक पकौड़ी के खोखे के पास पड़ा हुआ पाया।
घटना की जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और युवक को थाने बुलाकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान युवक अपने पहले बयान से मुकर गया और किसी भी तरह की लूट या नशा सुंघाने की घटना से इनकार कर दिया।
इसके बाद परिजनों ने थाने में लिखित रूप से प्रार्थना पत्र देकर कहा कि उनका बेटा सकुशल घर लौट आया है और गुमशुदगी की सूचना को निरस्त करते हुए वे किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं चाहते।
फिलहाल पुलिस पूरे प्रकरण को संदिग्ध मानते हुए आवश्यक कानूनी पहलुओं पर विचार कर रही है।
रिपोर्टर अनुज रस्तोगी कुंवरगांव
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