उझानी बदांयू 8 अक्टूबर।

दिवाली को लेकर बाजारों में रौनक है। ऐसे में धंधेबाज भी सक्रिय हो गए हैं। दिवाली में दीया जलाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले तिल व सरसों के तेल में मिलावट की जा रही है। धंधेबाज तिल के तेल में सस्ता रिफाइंड व केमिकलयुक्त रंग तो सरसों के तेल में ब्रान ऑयल (धान की भूसी के तेल) मिला रहे हैं। इस तेल से जलाए दीये के धुएं से जहां घर के सामान काले पड़ सकते हैं तो आपके फेफड़े की सेहत को भी नुकसान पहुंच सकता है।
दिवाली को लेकर सरसों व तिल के तेल की मांग बढ़ गई है। व्यापारी मांग को देखते हुए ज्यादा ऑर्डर भी दे रहे हैं। सस्ते तेल के चक्कर में इसी में कुछ धंधेबाज अपना नकली माल खपाने की तैयारी में हैं। धंधेबाज आसपास के जिलों में भी मिलावटी तेल खपाने की तैयारी में जुटे हैं।
बाजार में ब्रांडेड तिल का तेल 160 रुपये लीटर है। वहीं मिलावटी तिल का तेल लगभग 80 रुपये लीटर के आसपास बिक रहा है। सरसों का शुद्ध तेल 170 रुपये लीटर है। वहीं मिलावटी सरसों का तेल लगभग 50 से 60 रुपये सस्ता बिक रहा है।
धंधेबाजों से व्यापारी भी परेशान
त्योहारों में तेल में मिलावट करने वाले धंधेबाज व्यापार खराब कर रहे हैं। इससे अच्छे दुकानदारों को भी ग्राहक शक की निगाहों से देख रहे हैं। मिलावट का धंधा बंद होना चाहिए- शंकर गुप्ता,आयल मिल संचालक।
तेल में मिलावट को लेकर लोगों को जागरूक होना चाहिए। अगर मिलावट की पहचान कर ग्राहक दुकान से सामान नहीं खरीदेंगे तो इनका धंधा बंद हो जाएगा। हम सभी कंपनियों के ब्रांडेड तेल बेचते हैं- अवनीश माहेश्वरी व्यापारी।
राजेश वार्ष्णेय एमके।
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