9:12 pm Friday , 14 August 2026
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दुर्योधन का अन्न नहीं खाया भगवान कृष्ण ने : तृप्ति शास्त्री

साप्ताहिक सत्संग

बिल्सी तहसील क्षेत्र के यज्ञ तीर्थ ग्राम गुधनी में स्थित प्रज्ञा यज्ञ मंदिर में आर्य समाज का साप्ताहिक सत्संग आयोजित किया गया ! वैदिक विदुषी आचार्या तृप्ति आर्य ने यज्ञ कराते हुए कहा “भगवान कृष्ण का 5252 वाँ जन्मोत्सव हम सब ने मनाया ! इतने वर्षों बाद भी भगवान कृष्ण को सब याद करते हैं ! आज भी भगवान कृष्ण प्रासंगिक है ! इसका कारण है भगवान कृष्ण वह महामानव वह परम योगी थे जिन्होंने जीवन में कोई पाप नहीं किया था । जिन्होंने मनुष्य होकर मनुष्य का धर्म निभाया, वेद के नीतियों को अपनाया और सारे संसार को धर्म का संदेश दिया ! भगवान कृष्ण की विशेषता थी उन्होंने सज्जनों को कभी छेड़ा नहीं और पापियों को कभी छोड़ा नहीं ! सदा औरों को सुख दिया ! कभी किसी का राज नहीं हड़पा,महाबलशाली किंतु पापी दुर्योधन का अन्न नहीं खाया जबकि गरीब मित्र सुदामा के पांव धो करके उनका सत्कार किया ! भजन गायक पुरोहित पं प्रश्रय आर्य जय ने कहा ‘हमारी संस्कृति सर्वश्रेष्ठ है ! हमारी संस्कृति के दो मूल आधार है स्वाहा और इदन्नमम् ! स्वाहा का अर्थ होता है त्याग और समर्पण । इदन्नमम् का अर्थ होता है ” मेरा कुछ नहीं है सब कुछ ईश्वर का है ! जो व्यक्ति त्याग पूर्ण जीवन जीता और सदा प्राप्त साधनों को परमेश्वर का समझता है वही महामानव होता है मोक्ष अधिकारी होता है ! इस अवसर पर दुर्वेश कुमार सिंह, श्रीमती दया शर्मा, श्रीमती संतोष कुमारी, श्रीमती सुराजावती देवी, राकेश आर्य,अशोक पाल सिंह, नीरेश कुमार आर्य, कुमारी ईशा आर्य , कुमारी मोना आर्य, कुमारी कौशिकी आर्य तथा आर्य संस्कारशाला के बच्चे मौजूद रहे

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