उझानी बदायूं 13 अगस्त ।
कांवड़ यात्रा के नाम पर बदायूं पुलिस के रवैये से गुरुवार की शाम उझानी से लेकर कछला तक हंगामे जैसे हालात बन गए। आरोप है कि शाम 7 बजे कछला से उझानी तक का हाईवे पूरी तरह कांवड़ियों से सूना था, बावजूद इसके पुलिस ने कछला में ही सभी वाहनों को मुजरिया होकर जाने का आदेश दे दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इस डायवर्जन की वजह से कई रोडवेज बसें और कारें मजबूरन मुजरिया के रास्ते से गईं। वहीं उझानी के व्यापारियों ने इस मनमानी का विरोध किया।
बितरोई से मक्का की रेक लोड कराने गए कुछ कार सवार आढ़तियों ने सबसे पहले विरोध जताया। उनका कहना था कि बिना किसी पूर्व सूचना के रूट डायवर्ट करना गलत है। ऊपर से पूरा हाईवे खाली पड़ा है फिर रूट क्यों बदला गया।
गुस्साए व्यापारियों ने मौके पर तैनात सब इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार से पूछा कि यह आदेश किसके हैं। जवाब मिला – “एसएसपी और डीएम सर के आदेश पर”। इसके बाद व्यापारियों ने एसएसपी को मोबाइल किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। फिर इंस्पेक्टर उझानी को फोन लगाया गया तो जवाब मिला 5 मिनट रुकिए।

व्यापारियों के कड़े विरोध के बाद करीब 20 मिनट बाद सब इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार ने कई कारों को उझानी की तरफ जाने दिया।
जब संवाददाता ने कछला से उझानी तक हाईवे का जायजा लिया तो रास्ते भर में 100 कांवड़िया भी नजर नहीं आये। हाईवे पूरी तरह खाली था।
वहीं प्रशासन की तरफ से श्रावण माह के लिए पहले से ही आदेश जारी हैं कि _हर शुक्रवार रात 8 बजे से सोमवार दोपहर 4 बजे तक रूट डायवर्जन लागू रहेगा।
लेकिन गुरुवार शाम 7 बजे ही डायवर्जन लागू कर देना और वो भी तब जब हाईवे पर कांवड़िए नहीं थे, इसी बात को लेकर लोगों में नाराजगी है। व्यापारियों का कहना है कि तय समय से पहले और बिना कांवड़ियों के डायवर्जन करना जनता को परेशान करने जैसा है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद उझानी के व्यापारियों और आम जनता में चर्चा है कि जब हाईवे खाली है और कांवड़िए नदारद हैं, तो फिर जनता को बेवजह क्यों परेशान किया जा रहा है।
लोगों का सवाल है – क्या प्रशासन कांवड़ियों के नाम पर मनमानी कर रहा है?_ पुलिस का यह रवैया फिलहाल समझ से परे है।
फिलहाल प्रशासनिक अधिकारियों से इस बारे में आधिकारिक बयान नहीं मिल सका है।
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