आज का पंचांग सुप्रभातम दिनांक 10 अप्रैल 2026 दिवस शुक्रवार विक्रम संवत 2083 शक संवत 1948 मास वैशाख पक्ष कृष्ण तिथि अष्टमी रात्रि 11:18 तक उपरांत नवमी नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र दोपहर 11:28 तक उपरांत उत्तराषाढा नक्षत्र करण बालव करण प्रातः 10:24 तक उपरांत कौलव करण योग शिव योग सायं 6:29 …
Read More »प्राचीन ईतिहास और धार्मिक दृष्टिकोण- Jaya Kishori
Jaya Kishori प्राचीन ईतिहास और धार्मिक दृष्टिकोण आज हम सब वास्तु शास्त्र वैदिक ईतिहास पर जाते है तब सौ प्रथम ब्रह्माजी की सृष्टि की रचनाओंका विधायको समजना जरुरी है सनातन धर्ममे आस्था रखने से ए संसार में आदि स्वरूप की सरंचना मे मात्र ए महा विराट ईश्वर ही सॅव शक्ति …
Read More »इच्छा- VeenaShri
VeenaShri *जय श्री कृष्ण 🪈 🙏* *”इच्छा”…* *एक बुरी “बला” है…..* *पूरी ना हो तो “क्रोध”* *और…* *पूरी हो तो “लोभ” बढ़ता है…!*🌻 *॥शुभ☕️प्रभातम्॥*
Read More »तेरे इंतज़ार में- सुनीता पाण्डेय
सुनीता पाण्डेय ‘सुरभि’🪈🦚🪷🪄🕉️ दीवानों – सा हुआ है मेरा हाल प्यार में। दिल आजकल नहीं है मेरा इख़्तियार में।। हालत न पूछो मेरे दिले – बेक़रार की- बुझने लगी है शम्अ तेरे इंतज़ार में। – सुनीता पाण्डेय ‘सुरभि’ⓢ💞
Read More »हरि ओम् नमो: लक्ष्मी नारायण:
Rinku Sharma ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमःश्रीं ह्रीं क्लीं लक्ष्मी नारायणाय नमः। 🌻 हरि ओम् नमो:लक्ष्मी नारायण: 🌺 ❣️💠ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥”🙏🔱🚩 🪻☘️💜🌞🌺शुभ प्रभात 🌞🌺🪻☘️💜 🌸✨🌿!!श्री राधे कृष्ण !!🌸✨🌿 #राधे_राधे जी 💕
Read More »सिलसिला यूँ ही चले- PRIYA SHARMA
PRIYA SHARMA रात की आग में जिस्म भी पिघलने लगे, तेरे करीब आकर होश सब मचलने लगे। तेरे हाथों की हर हरकत जादू सी लगती है, मेरे लब भी तेरे लबों को छूने को जलने लगे। सांसों की गर्मी में ये फासले मिट जाते हैं, तेरी बाहों में आते ही …
Read More »लिखना तो था- Smart Naina
Smart Naina लिखना तो था कि हम खुश हैं तेरे बगैर भी, मगर आँसू गिर पड़े आँखों से तेरे नाम के ऊपर, तलब से भी ज्यादा तड़प रहे हैं तुम्हारे लिए, क्या तुम्हारा दिल नहीं धड़कता हमारे लिए….
Read More »अपनी ही फिक्र – Gunjan Agrawal
Gunjan Agrawal अपनी ही फिक्र करना भूल चुकी हूं मैं क्यूंकि, उन्हें इश्क़ अब मेरी बेफिक्री से भी होने लगा है..!!! गुंजन शिशिर
Read More »हराया नहीं जा सकता- Mahi
Mahi अपना सबसे कमज़ोर समय ईश्वर पर आस्था रखकर अकेले संभाल लेने वाला मनुष्य गिराया तो जा सकता है किंतु हराया नहीं जा सकता”.!
Read More »लोकतंत्र में – Ravina Mishra
Ravina Mishra लोकतंत्र में बहुत अच्छा तो बहुत कुछ बुरा भी है लेकिन मैं बहुत पढ़ी इस विषय पर लेकिन साम्यवाद, कैपिटलिज्म, निहिलिज्म और भी ढेर सारी दुनिया की वाद, थक कर लोकतंत्र हीं ठीक लगा, सबसे बुरा जो समझ आया वो छद्म धर्मनिरपेक्षता और वोट बैंक, या आरक्षण की …
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