उझानी कोतवाली में मुकदमा दर्ज।
उझानी बदायूँ 2 नवंबर ।
कोतवाली उझानी क्षेत्र के ग्राम बसोमा में प्लॉट पर निर्माण कार्य को लेकर आंगनबाड़ी सहायिका और उसके परिवार पर हमले का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव के ही कुछ दबंग लोगों ने खुद को एसडीएम सदर बदायूँ का बाबू बताकर निर्माण रुकवाने का प्रयास किया और विरोध करने पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
प्रार्थिनी गीता देवी पत्नी मनोज कुमार निवासी ग्राम बसोमा, जो आंगनबाड़ी में सहायिका के पद पर तैनात हैं, ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बदायूँ के न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि दिनांक 30 जून 2026 को शाम 4 बजे वह अपने प्लॉट पर निर्माण कार्य करा रही थीं। तभी गांव के ही अनीता पत्नी सुखपाल, सुखपाल पुत्र पन्नालाल, नेमचन्द्र पुत्र पन्नालाल, सेंजल पुत्री सुखपाल व 3-4 अज्ञात व्यक्ति एकराय होकर पहुंचे और खुद को एसडीएम सदर का बाबू बताते हुए निर्माण रोकने के लिए धमकाने लगे।
आरोप है कि गाली-गलौज के बाद लाठी-डंडों व तमंचे के साथ हमला कर दिया गया, जिसमें प्रार्थिनी को गंभीर चोटें आईं। बीच-बचाव में आई उसकी पुत्री लक्ष्मी के साथ अभद्रता और गलत नीयत से पकड़ने का आरोप है। परिवार द्वारा छुड़ाने की कोशिश पर प्रार्थिनी को जमीन पर गिरा दिया गया। हमले में प्रार्थिनी की सास और पति मनोज को भी चोटें आईं और पुत्री जमीन पर गिरने से बेहोश हो गई।
घटना के गवाह गांव के ही गिरीश पुत्र हरीशचन्द्र, मोनू पुत्र हरपाल, फूल पुत्र प्रेमराज मौके पर मौजूद थे, जिन्होंने बचाने का प्रयास किया, लेकिन दबंग नहीं माने। जिसका वीडियो भी परिवारजनों द्वारा बनाया गया है।
प्रार्थिनी ने कोतवाली पर सूचना दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। दिनांक 01 जुलाई 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय और मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर पीड़िता माननीय न्यायालय की शरण में आई।
न्यायालय के आदेश पर कोतवाली उझानी पुलिस ने धारा 173(4) बीएनएसएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


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