बदायूं में किसानों का 15 दिन से धरना जारी, प्रशासन की बेरुखी से भड़के किसान; भूख हड़ताल और मंडलायुक्त कार्यालय के घेराव की चेतावनी
केशव गुप्ता
जमीन के बैनामे में गड़बड़ी और सार्वजनिक रास्ते व नाले पर कब्जे का आरोप, भाकियू (चढूनी) ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की उठाई मांग
बदायूं, 23 अक्टूबर। बदायूं में भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) का अनिश्चितकालीन धरना 15वें दिन भी जारी रहा। मालवीय आवास गृह पर अपनी मांगों को लेकर डटे किसानों का आरोप है कि लगातार शिकायतों और धरने के बावजूद प्रशासन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं कर रहा है। अधिकारियों की कथित उदासीनता से नाराज किसानों ने अब आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो किसान भूख हड़ताल शुरू करने के साथ बरेली मंडलायुक्त कार्यालय का घेराव करेंगे।
धरने पर बैठे किसानों के मुताबिक, आंदोलन के पीछे दो प्रमुख मामले हैं। पहला मामला बदायूं तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत बुटला दौलत के मजरा जैनुइया काछ का है। आरोप है कि प्रेमवती और भगवान दास ने रामदुलार व अन्य से जमीन का सौदा तय किया था, लेकिन तय प्रक्रिया के अनुसार बैनामा करने के बजाय जमीन गजराज के नाम कर दी गई। किसानों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई सामने लाने और उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
दूसरा मामला बीएसएनएल कार्यालय के पीछे अब्बासी कॉलोनी से नई सराय के बड़े गेट तक जाने वाले सार्वजनिक रास्ते और नाले पर कथित अवैध कब्जे से जुड़ा है। भाकियू (चढूनी) के जिलाध्यक्ष सतीश साहू ने आरोप लगाया कि नाले की सीमा पर करीब आठ फीट ऊंची और 100 फीट लंबी दीवार खड़ी कर दी गई है। इसके अलावा वहां भारी-भरकम बीम भी लगाए गए हैं। यूनियन का कहना है कि यदि कथित अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो बरसात के दौरान इलाके में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो सकती है। साथ ही, आम लोगों के आवागमन का रास्ता भी बाधित होने का खतरा है।
किसानों ने प्रशासन से संबंधित भूमि की पैमाइश कराकर सार्वजनिक रास्ते और नाले की स्थिति स्पष्ट करने तथा दोनों मामलों में निष्पक्ष जांच के बाद कार्रवाई करने की मांग की है। धरने के 15 दिन बीत जाने के बावजूद समाधान नहीं निकलने से आंदोलनकारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। यूनियन ने साफ कहा है कि यदि प्रशासन ने जल्द उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। इसके तहत भूख हड़ताल शुरू करने और बरेली मंडलायुक्त कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी गई है।
धरने के 15वें दिन हरिश म. चरन, बीयीशुदास, लालता देवी, भगवान दास, दिलशाद हुसैन, सूरजपाल, महेंद्र पाल, रामपाल, शरीफ अब्बासी, राशिद अब्बासी, अकरम, प्रेमवती, कामीन, अथर और चीनटू सहित बड़ी संख्या में किसान व यूनियन कार्यकर्ता मौजूद रहे। किसानों ने कहा कि जब तक उनकी समस्याओं का निष्पक्ष समाधान नहीं होता, तब तक धरना जारी रहेगा। अब सभी की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि किसानों की मांगों पर कब तक सुनवाई होती है और 15 दिनों से जारी धरने का समाधान निकल पाता है या नहीं।
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