

उझानी -बिहारी जी के मंदिर में छलका भाई प्रेम का सैलाब, भव्य भरत मिलाप देख भर आईं आंखें।
राम दरबार ने मोह लिया मन, जय श्रीराम के उद्घोष से गूंजा मोहल्ला बाजार कलां।
उझानी, बदायूं 23 अक्टूबर ।
मोहल्ला बाजार कलां स्थित प्राचीन बिहारी जी मंदिर में शुक्रवार शाम रामलीला के सबसे भावुक और अंतिम पड़ाव भरत मिलाप का अलौकिक मंचन हुआ। जैसे ही मंच पर चौदह वर्ष का कठिन वनवास काटकर प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटने और नंदीग्राम में खड़ाऊं लेकर तप कर रहे भरत से मिलने का दृश्य जीवंत हुआ, पूरा मंदिर परिसर तालियों और जय श्रीराम के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा।
भरत मिलाप का दृश्य इतना सजीव था कि उपस्थित सैकड़ों श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। जब भरत अपने भाई श्रीराम के चरणों में लिपटे तो वहां मौजूद हर व्यक्ति ने भाई प्रेम, त्याग और समर्पण के उस अद्वितीय संगम को महसूस किया। कलाकारों ने अपने अभिनय से ऐसा समां बांधा कि लगा जैसे त्रेता युग साक्षात बिहारी जी के आंगन में उतर आया हो।
मंच पर भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, हनुमान जी के स्वरूप में सजे कलाकारों की मनमोहक झांकी ने सभी का मन मोह लिया। पीले वस्त्रों में सजे राम-लक्ष्मण-भरत और लाल जोड़े में सजी माता सीता की छवि देखते ही श्रद्धालु हाथ जोड़कर खड़े हो गए।
लीला के समापन पर श्री रामलीला कमेटी के उपाध्यक्ष संदीप सक्सेना, राहुल वार्ष्णेय ने सभी स्वरूपों की विधिवत आरती उतारी और उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। उन्होंने कहा कि भरत मिलाप हमें सिखाता है कि प्रेम और त्याग से बड़ा कोई राज नहीं।
इस अवसर पर अरविंद शाक्य, मनमोहन शर्मा, धनसुख अग्रवाल, कार्तिक अग्रवाल सहित मोहल्ले के सैकड़ों श्रद्धालु, व्यापारी और रामलीला समिति के सदस्य मौजूद रहे। देर शाम तक मंदिर परिसर में भक्ति और उत्सव का माहौल बना रहा।



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